Radha Mantra: राधा जी के 5 शक्तिशाली मंत्र, जाप करने से पाएं प्रेम, भक्ति और हर बाधा से मुक्ति!
श्री राधा जी जिन्हें भक्ति, प्रेम और करूणा की देवी कहा जाता है. उनका नाम जप करने से मन शांत होने के साथ आत्म भी शुद्ध होती है. राधा नाम जप करना स्वयं श्री कृष्ण को अच्छा लगता है. राधा जी के पांच ऐसे दिव्य मंत्र जिनका उच्चारण करने से साधक को आध्यात्मिक शक्ति के साथ प्रेम और भक्ति का भी अहसास होता है.
श्री राधा जी का पहला मंत्र 'श्री राधायै स्वाहा' है. इस मंत्र का 108 बार जाप करने से साधक पर राधा जी की कृपा प्राप्त होती है. करियर में आ रही रुकावट भी दूर हो जाती है.
राधा जी का दूसरा दिव्य मंत्र 'ऊं ह्रीं राधिकायै नमः। ऊं ह्रीं श्री राधायै स्वाहाः' है. जो साधक इस मंत्र का उच्चारण करता है, उसे मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके साथ ही इस मंत्र का जाप करने से आर्थिक समस्या भी दूर होती है.
राधा जी का ये मंत्र 'ऊं ह्रीं श्रीराधिकायै नमः' सर्व कार्य सिद्धि में सहायक होता है. इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करने पर व्यक्ति सभी तरह के दोषों से मुक्त हो जाता है.
'नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये' राधा जी का ये मंत्र बेहद खास माना जाता है. जो इस मंत्र का जाप करता है, वो श्री कृष्ण के साथ राधा जी के भी करीब हो जाता है.
राधा जी का पांचवा मंत्र 'नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे। ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे' उन लोगों के लिए सहायक होता है, जो अपने शत्रुओं से परेशान हैं. इस मंत्र का जाप करने से सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है.