Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष के दौरान कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ये गलतियां? पितरों की नाराजगी से बचने के लिए तुरंत जान लें!
इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 को आरंभ हो रही है. पितृपक्ष के दौरान कुछ ऐसी गलतियों को करने से बचना चाहिए, जिससे हमारे पितृ और पूर्वज नाराज हो सकते हैं. आइए जानते हैं. इसके बारे में.
पितृपक्ष के दौरान शारीरिक संबंध या शुभ मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए. पितृ पक्ष में बाल-दाढ़ी और नाखून काटना अशुभ माना जाता है.
पितृपक्ष के दौरान सरसों का तेल या सरसों का दान नहीं करना चाहिए.क्योंकि शास्त्रों में इसे तामसिक और अशुद्ध माना गया है. सरसों के तेल या सरसों का दान करने से पितृ नाराज होते हैं और श्राद्ध कर्म का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है.
पितृपक्ष के दौरान किसी भी जीव-जन्तु, कीड़े-मकौड़े को मारना या सताना नहीं चाहिए. ऐसा करने से जीव हत्या का पाप लगता है. मान्यताओं के मुताबिक पितृ पक्ष के दौरान हमारे पितर किसी न किसी जानवर या पक्षी का रूप में हमारे सामने आते हैं. इस दौरान उन्हें मारने या नुकसान पहुंचाने से पितर नाखुश होते हैं.
पितृ पक्ष के दौरान चने की दाल, सत्तू, मसूर और उड़द की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए. दरअसल श्राद्ध कर्म के दौरान इन वस्तुओं का सेवन करने से पितृदोष लगता है. इसके साथ ही पवित्रता भी भंग होती है.
पितृपक्ष के दौरान बैंगन, खीरा, सरसों का साग, मूली, अरबी, गाजर या जमीन से उगने वाली चीजें और तामसिक भोजन को ग्रहण करने से बचना चाहिए. क्योंकि इनका सेवन करने से पूर्वज हमसे नाराज होते हैं.