पंचमुखी हनुमान: जानें 5 मुखों का रहस्य, जो हर बाधा से दिलाएगा मुक्ति!
पंचमुखी हनुमान जी के 5 मुख होते हैं, जिसमें हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव शामिल हैं. हनुमान जी का ये स्वरूप राक्षसी शक्तियों के संहार के लिए है.
हिंदू धर्म के अनुसार हर मुख एक विशेष दिशा और शक्ति का प्रतीक होता है. नरसिंह उत्तर, गरुड़ दक्षिण, वराह उत्तर-पश्चिम, हयग्रीव ऊपर हनुमान पूर्व दिशा की रक्षा करते हैं.
दरअसल पंचमुखी अवतार की उत्पत्ति लंका में अहिरावण का वध करने के लिए हु्आ था.हनुमान जी ने पांचों दिशाओं में दीप जलाकर एक साथ पांच रूपों से राक्षसी शक्ति का अंत किया था.
पंचमुखी हनुमान की पूजा करने से भय, बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है. इसके साथ ही ये रूप शक्ति, बुद्धि, साहस और संरक्षण का प्रतीक होता है.
पंचमुखी हनुमान जी की पूजा मुख्य रूप से दक्षिण भारत तमिलनाडु और कर्नाटक में काफी प्रसिद्ध है. भक्त हनुमान जी के इस रूप को तंत्र शक्ति से बचाव के लिए पूजते हैं.