महाभारत युद्ध के 7 दिव्य रहस्य: समय रुकना, खोई हुई तकनीक और कृष्ण की दिव्य शक्तियों की अनसुनी सच्चाई!
भगवद गीत के 700 श्लोकों को पढ़ने में कई घंटे लग गए, लेकिन युद्ध सिर्फ एक पल के लिए रुका. इसको लेकर कई लोगों का मानना है कि, कृष्ण के दिव्य प्रवचन के दौरान समय थोड़ी देर के लिए रुक गया था, जो टाइम डाइलेशन जैसा लगता है.
महाभारत युद्ध को लेकर मानना है कि, युद्ध का आखिरी दिन पूरी तरह से रिकॉर्ड नहीं किया गया था, क्योंकि इसमें छिपे हुए मुकाबले, मना किए गए हथियार और कृष्ण के अंतिम निर्देश समय के साथ खो गए थे. जानकार अभी भी इस बात पर बहस करते हैं कि, कर्ण की मौत के बाद का रहस्य आज भी राज बना हुआ है.
ऋषि नारद लगभग हर युग में दिखाई दिए त्रेता (रामायण), द्वापर (महाभारत) और कई पुराणों में भी, ऐसा इसलिए क्योंकि वो समय से परे दिव्य शक्ति हैं, या युगों में दिव्य संचार के प्रतीक हैं.
ऋषि व्यास ने न केवल महाभारत लिखी, बल्कि कलियुग के आने के बारे में भी भविष्यवाणी की, उन्हें आने वाले युगों में घटनाओं के बारे में कैसे पता था? कई लोगों का मानना है कि, उनके पास भविष्य देखने की दिव्य शक्ति प्राप्त थी.
महाभारत युद्ध के दौरान कई बार श्रीकृष्ण ने ऐसी शक्तियां दिखाईं जो असलियत को बदलकर समय को रोक देती थी, खुद को कई गुना बढ़ा लेती थीं और अर्जुन का बचाव करती थीं.
श्रीकृष्ण का दिव्य शस्त्र सुदर्शन चक्र तुरंत दुश्मनों का सिर काटकर उनके हाथों में वापस आ सकता था. क्या यह समय और न्याय का दिव्य प्रतीक था, या इंसानी समझ से परे एक खोई हुई अद्भुत टेक्नोलॉजी.
बर्बरीक भीम का पोता इतना शक्तिशाली था कि, युद्ध शुरू होने से पहले ही कृष्ण को सिर मांगना पड़ा. मान्यताओं के मुताबिक उसका सिर एक पहाड़ी की चोटी से पूरे कुरुक्षेत्र का युद्ध देख रहा था, जो दिव्य दृष्टि और बलिदान का प्रतीक है.