Janmashtami 2022: जन्माष्टमी पर इन 6 मंत्रों से करें कृष्ण को प्रसन्न, जानें किस मंत्र से मिलेगा क्या लाभ
Janmashtami 2022: ये कान्हा का मूलमंत्र है. जन्माष्टमी पर 108 बार इस मंत्र का जाप करने से तमाम बाधाएं दूर हो जाती है. श्रीकृष्ण की कृपा से कष्टों से मुक्ति मिलती है. सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.रूका हुआ धन वापस मिल जाता है.
जब चारों तरफ निराशा दिखे, कोई समाधान समझ न आए तो कान्हा के इस मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि नियमों के तहत इससे उच्चारण से साधक को वैभव और सफलता मिलती है.
आठ अक्षरों वाले इस मंत्र का जन्माष्टमी पर एक माला जाप करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है. कान्हा बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं.
श्रीकृष्ण का ये सप्तदशाक्षर महामंत्र है. जन्माष्टमी पर इस मंत्र का 5 लाख बार उच्चारण करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त हो जाती है.
संकटकाल के दौरान ये मंत्र बहुत लाभकारी है. आर्थिक, मानसिक, शारीरिक संकट के समय इस मंत्र का 108 बार जाप करें, लेकिन इसमें पवित्रा का विशेष ध्यान रखें. स्नान के पश्चात्य कान्हा के समक्ष बैठकर इसका जाप करें.
ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात बाल गोपाल का ये मंत्र बहुत प्रभावशाली है. कहते हैं श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर 108 बार इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, तनाव दूर होता है. ऊर्जावान रहने में मदद मिलती है.