Ganesh Puja: बुद्धि और ज्ञान के लिए आज करें गणेश का ध्यान, जानें बुधवार को गणपति कैसे होते हैं प्रसन्न
मान्यता है कि बुधवार को भगवान गणेश की पूजा अर्चना से जीवन की सारी बाधाएं दूर होती है. धार्मिक मान्यता यह भी है कि घर में कोई भी मांगलिक कार्य या किसी पूजा के पहले गणपति अर्थात भगवान गणेश की आराधना होती है. इस से पूजा की पवित्रता बनी रहती है.
सही मन से उनकी उपासना करने से बुधवार के दिन प्रातः स्नान के बाद गणेश जी की प्रतिमा या चित्र के सामने शुद्ध मन से बैठें. 21 या 108 दुर्वा लेकर उसकी माला बनाएं और गणेश जी को चढ़ाएं. “ॐ गं गणपतये' का जाप करें.
किसी के कुंडली में अगर बुध ग्रह कमजोर है या उसमें दोष है तो बुधवार को गणेश जी की पूजा कर उसे दूर किया जा सकता है. चूंकि भगवान गणेश जी को 'बुद्धि के दाता' और 'विघ्नहर्ता' कहा जाता है. इसलिए जो भक्त बुधवार को उनकी उपासना करते हैं,उनपर कोई संकट नहीं आता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध को ग्रहों के मंत्रिमंडल का राजकुमार माना जाता है. उनको दुर्वा यानी दूब घास अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं. और अपने भक्त को बुद्धि, ज्ञान और यश से आलोकित करते हैं.
बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं है बल्कि उसका जीवन के हर पक्ष से महत्व जुड़ा हुआ है. माना जाता है कि व्यापार और करियर में अगर स्थिरता आ गई हो तो बुधवार को गणपति की उपासना से सभी बाधा दूर हो जाती है.
पूजा शुरू करने के लिए विभिन्न फल, रंग-बिरंगे फूल, माला, बेलपत्र, अगरबत्ती चढ़ाएं. गणपति को घी भी बहुत पसंद है. पूजन स्थल पर घी का दीपक जलाना चाहिए़ और लगातार 108 बार मंत्र का जाप करें.