Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर कामदेव और रति की पूजा क्यों, वजह जानकर चौंक जाएंगे

बसंत पंचमी 2026
23 जनवरी को आज बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन को विद्या-बुद्धि के पर्व के रूप में जाना जाता है. लेकिन आज के दिन प्रेम के देवता कामदेव और उनकी पत्नी रति की पूजा का भी महत्व है.
बसंत पंचमी के दिन कामदेव और रति की पूजा केवल परंपरा ही नहीं है, बल्कि इससे पौराणिक, धार्मिक और प्राकृतिक कारण भी जुड़े हैं. मान्यता है कि, बसंत पंचमी पर कामदेव और रति की पूजा से वैवाहिक जीवन में प्रेम और आकर्षण बढ़ता है.
पौराणिक मान्यता के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन प्रेम के देवता कामदेव और उनकी पत्नी रति स्वर्ग से धरती पर आते हैं तो प्रकृति हरियाली और फूलों का श्रृंगार करती है.
पौराणिक कथा के अनुसार, शिव जब तपस्या में लीन थे, तब देवताओं ने कामदेव को शिव की तपस्या भंग करने भेजा. कामदेव ने बसंत ऋतु में अपने पुष्प बाण चलाए, जिससे शिव के हृदय में प्रेम जागा. लेकिन तपस्या भंग होने पर शिव क्रोधित हो गए और कामदेव भस्म हो गए.
लेकिन रति के विलाप और तपस्या से कामदेव के बसंत पंचमी के दिन पुनर्जीवन मिला. इसलिए इस दिन को प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म का प्रतीक माना जाता है और कामदेव-रति की पूजा की जाती है.
कामदेव और रति दोनों नृत्य करते हैं. उनके नृत्य से पशु-पक्षियों और मानव में प्रेम व काम भावना जागृत हो जाती है. इसलिए बसंत पंचमी के दिन कामदेव और रति की भी पूजा की जाती है.