आपका बच्चा बार-बार पड़ रहा है बीमार तो जानें किन बातों का रखें ध्यान, हमेशा रहे फिट

छ: महीने तक शिशु सिर्फ मां के दूध पीते हैं उसके बाद उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं. पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है. खासकर गर्मियों में उन्हें समय-समय पर पानी देते रहें.
बच्चे को हमेशा साफ रखें. उनके हाथों की सफाई का ध्यान रखें. उनके आसपास की सफाई का भी ख्याल रखें. इससे वे बीमारियों से बचेंगे और हेल्दी रहेंगे. अगर बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं तो सफाई का खास ध्यान रखें.
अगर आपका शिशु लड़का है, तो उसकी पेशाब की नली को रोज साफ करना बहुत जरूरी है. नली को खोलकर धीरे से साफ करें, तेल लगाएं और पानी से अच्छी तरह धोएं. सफाई न करने पर नली चिपक सकती है, जिसे ठीक करने के लिए ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए इसे रोजाना साफ करना बहुत जरूरी है.
ध्यान दें कि शिशु एक दिन में 8 से 10 बार पेशाब करे. अगर वह इससे कम पेशाब कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. शिशुओं के पेशाब और पॉटी से उनके स्वास्थ्य के बारे में सभी जानकारी मिलती है. इसलिए उनकी जांच रोजाना करें.
बच्चों को हमेशा पौष्टिक आहार दें : शिशु को पौष्टिक खाना दें. मां का दूध सबसे अच्छा होता है. जब शिशु ठोस खाना खाने लगे, तो उसे फल, सब्जियां और दलिया जैसी पौष्टिक चीजें खिलाएं. बाहर की चीजें खिलाने से बचें.
बच्चों के विकास और स्वास्थ्य के लिए नींद बहुत महत्वपूर्ण है. उन्हें रोजाना पर्याप्त नींद लेने दें. छोटे बच्चों को दिन में भी सोने की आदत डालें. सोने का समय नियमित रखें ताकि उनकी बॉडी क्लॉक सही रहे.