एंटीबायोटिक दवाइयां जानें कैसे करती हैं बच्चों को नुकसान

आज के समय में एंटीबायोटिक दवाइयां हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं. ये दवाइयां कई बार जानलेवा बीमारियों के खिलाफ हमारी रक्षा करती हैं. लेकिन जब बात बच्चों की आती है, तो एंटीबायोटिक का इस्तेमाल थोड़ा संभलकर करना चाहिए. क्योंकि बच्चों के लिए यह हानिकारक होता है.
पेट के लिए हानिकारक: ये दवाइयां न सिर्फ बुरे बैक्टीरिया को मारती हैं बल्कि अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देती हैं जो हमारे पेट में होते हैं. इससे बच्चों को डायरिया जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं.
इम्युनिटी पर असर : बार-बार और ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल से बच्चों की नेचुरल इम्युनिटी कमजोर हो सकती है. इससे वे और भी आसानी से बीमार पड़ सकते हैं.
एलर्जी : कुछ बच्चों को इन दवाइयों से एलर्जी हो सकती है, जिससे उनकी त्वचा पर रैशेस, सांस लेने में दिक्कत या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
शारीरिक विकास में रुकावट: अधिक मात्रा में ये दवाइयां बच्चों के शारीरिक विकास को भी प्रभावित कर सकती हैं. उनकी हड्डियाँ और दांत सही से नहीं बन पाते.
दवा के प्रति रोग प्रतिरोधकता : जब बच्चे अक्सर और जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक लेते हैं, तो उनका शरीर इन दवाइयों के प्रति रोग प्रतिरोधक बन सकता है. इससे भविष्य में ये दवाइयां काम नहीं करेगी और इलाज मुश्किल हो जाएगा.