Wheat Storage Tips: बारिश में अपनाएं ये उपाए, घर में रखे गेहूं में नहीं आएगी सीलन

बारिश के मौसम में हवा में नमी बहुत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घर में रखे अनाज पर पड़ता है. खासकर गेहूं में सीलन आने की समस्या इस मौसम में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है. सीलन आने से गेहूं में घुन और कीड़े लगने लगते हैं, दाना खराब होने लगता है और उसकी क्वालिटी भी गिर जाती है. महीनों की मेहनत और पैसा एक ही मौसम में बर्बाद हो सकता है, अगर समय पर सही सावधानी न बरती जाए. लेकिन कुछ आसान और घरेलू तरीके अपनाकर बारिश के मौसम में भी गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान उपाय, जिनसे आपके घर में रखा गेहूं कभी सील नहीं होगा.
सबसे पहला और सबसे जरूरी काम है कि गेहूं को स्टोर करने से पहले उसे अच्छी तरह धूप में सुखा लें. अगर दाने में पहले से ही थोड़ी भी नमी रह गई, तो बारिश के मौसम में वह नमी और बढ़ जाती है, जिससे सीलन जल्दी लगती है. इसलिए बरसात शुरू होने से पहले या धूप निकलते ही मौका देखकर गेहूं को कुछ घंटे तेज धूप में जरूर फैला दें. इससे दाने में मौजूद बचीखुची नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है और साथ ही अगर किसी कीड़े के अंडे हों, तो वे भी धूप की गर्मी से खत्म हो जाते हैं.
गेहूं रखने के लिए बर्तन या कंटेनर का चुनाव भी बहुत मायने रखता है. हमेशा ऐसे बर्तन का इस्तेमाल करें जो पूरी तरह एयरटाइट हो, ताकि बाहर की नमी अंदर न जा सके. पुराने या टूटे-फूटे बर्तनों में गेहूं रखने से बचना चाहिए, क्योंकि उनमें हवा और नमी आसानी से अंदर घुस जाती है.
गेहूं के बर्तन को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए. जमीन से नमी ऊपर की तरफ आती है, जिससे बर्तन के नीचे का हिस्सा जल्दी सील हो जाता है. इसलिए बर्तन को लकड़ी के तख्ते, स्टूल या ईंटों के ऊपर रखें, ताकि जमीन और बर्तन के बीच थोड़ी हवा बनी रहे. इसके अलावा बर्तन को दीवार से भी थोड़ी दूरी पर रखना चाहिए, क्योंकि बारिश में दीवारों में भी नमी आ जाती है, जो धीरे-धीरे अंदर रखे अनाज तक पहुंच सकती है.
गेहूं में सीलन और कीड़ों से बचाव के लिए कुछ पुराने घरेलू नुस्खे भी बहुत असरदार माने जाते हैं जैसे नीम की सूखी पत्तियां गेहूं के बर्तन में डालने से कीड़े नहीं लगते, क्योंकि नीम की महक कीड़ों को दूर रखती है. इसके अलावा कुछ लोग गेहूं में लौंग, तेजपत्ता या कपूर की कुछ गोलियां भी डालते हैं, जो नमी और कीड़ों दोनों से बचाव करने में मदद करती हैं. ये सभी तरीके बिना किसी केमिकल के अपनाए जा सकते हैं, इसलिए सेहत के लिहाज से भी यह सुरक्षित माने जाते हैं.
बारिश के मौसम में जिस कमरे में गेहूं रखा हो, वहां हवा का आना-जाना भी जरूरी है. बंद और सीलन भरे कमरे में अनाज रखने से नमी जल्दी बढ़ती है, इसलिए कोशिश करें कि उस कमरे की खिड़की या रोशनदान से हवा आती रहे. अगर मौसम बहुत ज्यादा नम हो, तो कमरे में कभी-कभी थोड़ी देर के लिए पंखा भी चला सकते हैं, ताकि हवा का बहाव बना रहे और नमी जमा न हो पाए.
आखिरी और बहुत जरूरी बात यह है कि गेहूं को समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए. हर 15-20 दिन में एक बार बर्तन खोलकर देखें कि कहीं दाने में सीलन की गंध तो नहीं आ रही या कीड़े तो नहीं दिख रहे. अगर हल्की सी भी नमी महसूस हो, तो तुरंत उस गेहूं को धूप में निकालकर फिर से सुखा लें.