Yoga Day: योग बन सकता है आपकी सेहत का दुश्मन, ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
आजकल कई लोग इंटरनेट या मोबाइल ऐप्स के जरिए खुद से योग करना शुरू कर देते हैं. हालांकि, हर योगासन को करने का एक सही तरीका होता है, जिसे समझना बेहद जरूरी है. अगर किसी जानकार की देखरेख में योग न किया जाए, तो आसन गलत तरीके से किए जा सकते हैं. इससे मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जो आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं.
अक्सर लोग या तो बिल्कुल भूखे पेट योग करने लगते हैं या फिर खाना खाने के तुरंत बाद, जो कि दोनों ही स्थिति में शरीर पर गलत असर डाल सकता है. योग करने का सही समय है खाली पेट या फिर हल्का भोजन करने के 2–3 घंटे बाद. अगर आप गलत समय पर योग करते हैं, तो इससे चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना या शरीर में थकावट होना आम वजह बन सकती है.
कई बार लोग दूसरों को देखकर या जल्दी रिजल्ट पाने की चाह में मुश्किल आसनों को जबरदस्ती करने लगते हैं, जबकि उनका शरीर उसके लिए तैयार नहीं होता. ऐसा करना मांसपेशियों में खिंचाव, चोट या दर्द का कारण बन सकता है. योग कोई दौड़ नहीं, बल्कि एक शांत प्रक्रिया है, जिसमें धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाना ही समझदारी है. इसलिए जरूरी है कि हम अपनी शारीरिक सीमाओं को पहचानें और उसी के मुताबिक आगे बढ़ें, तभी योग का असली लाभ मिल सकता है.
योग में श्वास-प्रश्वास यानी सांस लेना और छोड़ना सबसे अहम हिस्सा होता है. अगर आप गलत तरीके से सांस लेते हैं, बहुत तेज या बहुत धीरे, या बिना जरूरत के सांस रोकते हैं, तो इसका सीधा असर शरीर पर पड़ता है. इससे सिरदर्द, घबराहट और ब्लड प्रेशर जैसी परेशानियां हो सकती हैं. खासकर प्राणायाम करते समय गहरी, शांत और लयबद्ध सांस लेना बेहद जरूरी है.
अक्सर लोग इस सोच में रहते हैं कि योग हर हाल में फायदेमंद होता है, इसलिए वे बीमारी या चोट लगने पर भी अभ्यास जारी रखते हैं. लेकिन यह सोच गलत है. अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, हाल ही में सर्जरी हुई है या कोई पुरानी बीमारी है, तो बिना डॉक्टर या योग एक्सपर्ट से सलाह लिए योग करना आपकी स्थिति को और खराब कर सकता है. ऐसी हालत में योग से कुछ समय के लिए दूरी बनाना ही समझदारी होती है.
अगर आप कभी-कभार या केवल योग दिवस पर ही योग करते हैं और बाकी दिनों में इसे छोड़ देते हैं तो इसका कोई खास फायदा नहीं होगा. योग का असर तभी नजर आता है जब उसे रोजाना नियमित रूप से किया जाए. लगातार अभ्यास से ही शरीर और मन में शांति बनती है. वरना शरीर की लय बिगड़ सकती है और योग का असली मकसद अधूरा रह जाता है.