टूट सकता है मां बनने का सपना, मिसकैरेज का कारण बन सकती हैं ये गलतियां
ज्यादा स्ट्रेस लेना : मानसिक तनाव गर्भावस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. ज्यादा तनाव लेने से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे भ्रूण के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है.
जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत: प्रेगनेंसी में ज्यादा शारीरिक श्रम करने या भारी सामान उठाने से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है. खासतौर पर शुरुआती महीनों में ज्यादा झुकने, तेज़ दौड़ने या भारी वजन उठाने से बचना चाहिए.
असंतुलित डाइट और कुपोषण भ्रूण के सही विकास के लिए पोषण बहुत जरूरी है. ज्यादा कैफीन जैसे कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, जंक फूड और कच्चे-अधपकी चीजें खाने से मिसकैरेज का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए जहां तक हो सके, इन चीजों को अवॉयड करें.
धूम्रपान और शराब का सेवन : स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन गर्भपात की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. सिगरेट में मौजूद निकोटीन गर्भनाल (Placenta) तक ऑक्सीजन पहुंचने से रोकता है, जिससे भ्रूण का विकास रुक सकता है.
कुछ खास दवाओं का सेवन: प्रेगनेंसी के दौरान कुछ पेनकिलर, एंटीबायोटिक्स या हार्मोनल दवाएं लेने से भी मिसकैरेज का खतरा हो सकता है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए, वरना दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
संक्रमण को नजरअंदाज करना: गर्भावस्था के दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन मिसकैरेज की वजह बन सकते हैं. इसलिए किसी भी संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.