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Reason Behind Frequent Yawning: बार-बार आती है जम्हाई? सिर्फ नींद नहीं ये भी हो सकती हैं वजहें

एबीपी लाइव   |  08 Aug 2026 09:16 PM (IST)
Reason Behind Frequent Yawning: बार-बार आती है जम्हाई? सिर्फ नींद नहीं ये भी हो सकती हैं वजहें

ज्यादातर लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी नींद पूरी होने के बाद भी उन्हें जम्हाई आती है. हालांकि जम्हाई आना एक बहुत आम बात है, जो लगभग हर इंसान के साथ रोज होती है. इसमें मुंह अपने आप खुल जाता है, हम गहरी सांस अंदर लेते हैं और फिर तेजी से सांस बाहर छोड़ते हैं. ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि जम्हाई सिर्फ तब आती है जब नींद पूरी न हुई हो या शरीर थका हुआ हो. ये बात सही है पर पूरी तरह सच नहीं है.

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असल में जम्हाई आने की कई और वजहें भी हो सकती हैं, जिनका सीधा संबंध नींद से नहीं होता. कभी-कभी यह हमारे दिमाग और शरीर के अंदर चल रहे बदलावों का संकेत भी हो सकती है. इसलिए अगर आपको बहुत ज्यादा जम्हाई आती है, तो इसके पीछे की वजहों को समझना जरूरी है. आइए जानते हैं इसके पीछे और क्या वजह हो सकती है.

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सबसे पहली और सबसे आम वजह तो नींद की कमी ही है. जब शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता, तो दिमाग खुद को जगाए रखने के लिए जम्हाई का सहारा लेता है. ऐसा माना जाता है कि जम्हाई लेने से दिमाग को थोड़ी देर के लिए एक्टिव रहने में मदद मिलती है. यही वजह है कि जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं या जिनकी नींद अक्सर अधूरी रहती है, उन्हें दिन में बार-बार जम्हाई आती रहती है.

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नींद के अलावा बोरियत भी जम्हाई की एक बड़ी वजह होती है. अक्सर ज्यादातर लोग रोज एक तरह काम करके बोर हो जाते हैं. यानी जब हम किसी काम में मन नहीं लगा पाते या कोई चीज हमें उबाऊ लगती है, तो दिमाग बहुत जल्दी थक जाता है. ऐसे में शरीर खुद को जगाए रखने के लिए जम्हाई लेता है, ताकि ध्यान बना रहे. यही वजह है कि एक जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने और लंबी मीटिंग में अक्सर जम्हाई आती रहती है, भले ही उस समय नींद न आ रही हो.

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बहुत कम लोग जानते हैं कि तनाव और चिंता भी जम्हाई को बढ़ा सकते हैं. जब मन पर तनाव होता है, तो शरीर में कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है, जिसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है. इस हार्मोन के बढ़ने से शरीर थका हुआ महसूस करता है और नींद का पैटर्न भी बिगड़ जाता है. इसका नतीजा यह होता है कि नर्वस सिस्टम खुद को शांत करने की कोशिश करता है, जिसके चलते बार-बार जम्हाई आने लगती है.

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कुछ शोध यह भी बताते हैं कि जम्हाई शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का एक तरीका हो सकती है. ऐसा माना जाता है कि जब दिमाग का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है, तो जम्हाई लेने से दिमाग को ठंडा करने और उसे सही तरीके से काम करते रहने में मदद मिलती है. यही वजह है कि गर्म कमरे में सोने पर भी लोगों को ज़्यादा जम्हाई आती है.

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कई बार बार-बार आने वाली जम्हाई किसी दवाई के असर की वजह से भी हो सकती है. जैसे डिप्रेशन या चिंता के इलाज में दी जाने वाली कुछ दवाइयां जम्हाई को बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा, कुछ मामलों में यह किसी सेहत से जुड़ी दिक्कत का संकेत भी हो सकती है, जैसे स्लीप एपनिया, नार्कोलेप्सी जैसी नींद से जुड़ी बीमारियां.

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साथ ही कुछ मामलों में यह दिल से जुड़ी परेशानी या दिमाग से जुड़ी किसी गंभीर स्थिति का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. हालांकि ऐसा बहुत कम ही होता है, लेकिन इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर आपको दिन भर में तीस से ज्यादा बार जम्हाई आती है, या फिर पूरी नींद लेने के बावजूद भी जम्हाई कम नहीं होती, तो यह ध्यान देने वाली बात है. खासकर अगर इसके साथ चक्कर आना, बहुत ज्यादा थकान या सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां भी महसूस हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

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