Basic Life Support: CPR क्यों है बेहद जरूरी, हर इंसान को क्यों सीखनी चाहिए जिंदगी बचाने वाली यह तकनीक?

आज के समय में अचानक होने वाली दिल की बीमारियां और कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई बार ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति अचानक सड़क पर, घर में या ऑफिस में गिर जाता है और उसकी सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है. ऐसे समय में अगर तुरंत मदद न मिले तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है. इसी स्थिति में CPR एक बहुत जरूरी जीवन बचाने वाली तकनीक बन जाती है.
CPR का पूरा नाम Cardiopulmonary Resuscitation होता है. यह एक ऐसी इमरजेंसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के दिल और सांस को फिर से चालू करने की कोशिश की जाती है. जब किसी व्यक्ति की सांस बंद हो जाती है या दिल काम करना बंद कर देता है, तब CPR देकर उसके शरीर में खून और ऑक्सीजन का बहाव बनाए रखा जाता है, ताकि उसकी जान बचाई जा सके.
डॉक्टरों के अनुसार, अगर सही समय पर CPR दिया जाए तो व्यक्ति के बचने की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है. अक्सर देखा गया है कि कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआती कुछ मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. अगर इस समय में मदद मिल जाए तो व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, वरना स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है.
CPR को लेकर एक खास बात यह है कि इसे कोई भी सामान्य व्यक्ति सीख सकता है. इसके लिए डॉक्टर होना जरूरी नहीं है. बस थोड़ी ट्रेनिंग और सही जानकारी से कोई भी व्यक्ति इमरजेंसी में किसी की जान बचा सकता है. इसलिए आजकल कई हेल्थ एक्सपर्ट्स और संस्थाएं लोगों को CPR सीखने के लिए प्रेरित कर रही हैं.
CPR देने का सबसे आम तरीका “हैंड्स-ओनली CPR” है. इसमें व्यक्ति के सीने के बीचों-बीच जोर-जोर से दबाव दिया जाता है. यह दबाव लगातार और तेज गति से दिया जाता है ताकि दिल की तरह खून शरीर में घूमता रहे. कई मामलों में यह तरीका तब तक काम करता है जब तक मेडिकल मदद नहीं पहुंच जाती.
CPR देने का सही समय तब होता है जब कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए, उसकी सांस रुक जाए या वह जवाब न दे रहा हो. ऐसे समय में तुरंत एंबुलेंस को बुलाना चाहिए और साथ ही CPR शुरू कर देना चाहिए. हर सेकंड की देरी मरीज की हालत को और गंभीर बना सकती है, इसलिए जल्दी कदम उठाना बहुत जरूरी होता है.
आज भी भारत में बहुत कम लोग CPR की सही जानकारी रखते हैं. इसी कारण कई बार लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि समय पर सही मदद नहीं मिल पाती. अगर ज्यादा लोग इस तकनीक को सीख लें, तो हजारों जिंदगियाँ हर साल बचाई जा सकती हैं.
अंत में यही कहा जा सकता है कि CPR सिर्फ एक मेडिकल तकनीक नहीं, बल्कि एक जीवन बचाने वाला कौशल है. यह हमें यह सिखाता है कि किसी भी आपात स्थिति में हम भी किसी की जिंदगी का सहारा बन सकते हैं. इसलिए हर इंसान को CPR जरूर सीखना चाहिए, क्योंकि यह कभी भी, कहीं भी किसी की जान बचा सकता है.