शराब का असर महिलाओं पर ज्यादा क्यों होता है? एक्सपर्ट्स ने बताई असली वजह
महिलाओं के शरीर में पानी की मात्रा पुरुषों की तुलना में कम होती है और शरीर में फैट ज्यादा होता है. शराब पानी में घुलती है. इसलिए जब शरीर में पानी कम होता है, तो शराब जल्दी ब्लड में मिल जाती है और असर तेज होता है. अगर एक महिला और एक पुरुष एक ही मात्रा में शराब पीते हैं, तो महिला का शरीर जल्दी नशे की स्थिति में पहुंचता है क्योंकि उसके शरीर में शराब को घोलने के लिए पर्याप्त पानी नहीं हो.
हमारे शरीर में एक एंजाइम होता है, Alcohol Dehydrogenase (ADH), जो शराब को टूटने और पचने में मदद करता है. महिलाओं में यह एंजाइम कम मात्रा में पाया जाता है. इसका मतलब यह है कि शराब धीरे-धीरे टूटती है और लंबे समय तक असर दिखाती है.
महिलाओं के हार्मोन, खासकर एस्ट्रोजन, शराब के असर को बढ़ा देते हैं. पीरियड्स के दौरान या ओव्यूलेशन के समय शराब और भी जल्दी चढ़ती है. इसलिए कुछ महिलाएं इस दौरान थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भी जल्दी नशे में आ सकती हैं.
आमतौर पर पुरुषों का शरीर मसल (मांसपेशियों) और वजन में भारी होता है, जबकि महिलाओं का शरीर ज्यादा सॉफ्ट और फैटी होता है. यही वजह है कि शराब महिला के शरीर में तेजी से ब्लड में घुल जाती है और जल्दी असर करती है.
लिवर शराब को पचाने का मुख्य अंग है. महिलाओं का लिवर पुरुषों की तुलना में थोड़ी धीमी गति से शराब को प्रोसेस करता है. इसका मतलब यह है कि नशा लंबे समय तक बना रहता है.
महिलाओं के शरीर में शराब के प्रति संवेदनशीलता पुरुषों से ज्यादा होती है.इसका मतलब है कि समान मात्रा में शराब भी महिलाओं के लिए ज्यादा असरकारी और तेजी से नशे की स्थिति में डालने वाली होती है.