फ्रिज में रखा कटा हुआ तरबूज खाने से क्या हो सकती है परेशानी? जरूर बरतें ये सावधानी
तरबूज की खेती जमीन के करीब होती है, जिसके कारण इसके छिलके पर मिट्टी या पानी से सैल्मोनेला, लिस्टेरिया और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया आ सकते हैं. जब तरबूज काटा जाता है तो छिलके पर मौजूद ये बैक्टीरिया चाकू के जरिए फल के गूदे तक पहुंच सकते हैं.
तरबूज के गूदे में भरपूर चीनी और पानी होता है, जो बैक्टीरिया के लिए आदर्श वातावरण बनाते हैं. अगर कटे हुए तरबूज को कमरे के तापमान पर दो घंटे से ज्यादा छोड़ दिया जाए तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं.
अगर आप कटा हुआ तरबूज फ्रिज में रखते हैं और सही तापमान व स्टोरेज के मानक पूरे नहीं करते हैं तो बैक्टीरिया का खतरा बना रहता है.
2024 में पब्लिश एक स्टडी में देखा गया कि कमरे के तापमान (28 डिग्री सेल्सियस) पर रखे कटे हुए तरबूज में 24 घंटे के भीतर बैक्टीरिया की संख्या 0.15 लॉग CFU/g से बढ़कर 3.26 लॉग CFU/g हो गई. वहीं, फ्रिज के तापमान (4 डिग्री सेल्सियस) पर यह वृद्धि बहुत कम थी. इससे पता लगता है कि फ्रिज में रखे कटे हुए तरबूत में बैक्टीरिया की वृद्धि धीमी होती है, लेकिन पूरी तरह रुकती नहीं है.
ज्यादा देर तक रखा कटा हुआ तरबूज खाने से पेट में ऐंठन, उल्टी और दस्त हो सकते हैं. वहीं, लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया से इंफेक्शन हो सकता है, जिसके कारण बुखार और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है.
ऐसे तरबूज से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वाले लोगों में लिस्टेरिया का इंफेक्शन हो सकता है, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है.
काटने से पहले तरबूज के छिलके को ठंडे बहते पानी से अच्छी तरह धोएं. इसके लिए साफ ब्रश इस्तेमाल करें, जिससे छिलके पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया हट जाएं.