स्ट्रेस और एंजाइटी पड़ सकती है सेहत पर भारी, बढ़ जाता है इन पांच बीमारियों का खतरा
नेगेटिव सोच इंसान को कितना परेशान कर सकती है, इसका अंदाजा भी आप नहीं लगा सकते. आपको लगता होगा की नेगेटिव सोच स्ट्रेस या एंजाइटी केवल हमारे मेंटल हेल्थ को इफेक्ट करती हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि नेगेटिव बातें सोचने से ओवरऑल हेल्थ पर इफेक्ट पड़ता है
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन : गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कब्ज, दस्त और पेट खराब होता है. यह समस्या स्ट्रेस और एंजाइटी के कारण हो सकती है. दरअसल, नेगेटिव थिंकिंग से आंतों में गुड बैक्टीरिया नहीं बनते हैं.
हार्ट हेल्थ में समस्या : अगर आप बहुत ज्यादा नेगेटिव थिंकिंग करते हैं, एंजाइटी या डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं, तो यह आपके हार्ट रेट को भी बढ़ा सकता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है.
लोअर बैक में समस्या नेगेटिव थिंकिंग आपके बैक पेन का कारण भी बन सकती है. खासकर आपके लोअर बैक पेन में दर्द हो सकता है, यह साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस के कारण होता है, जो आमतौर पर एंजाइटी, डिप्रेशन और तनाव में देखे जाते हैं.
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या: अधिकतर ओवरथिंकिंग, नेगेटिव थिंकिंग या फिर स्ट्रेस में ब्लड प्रेशर इंबैलेंस होता है और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है. इसके कारण हार्ट अटैक का जोखिम भी होता है. स्ट्रेस में ज्यादातर लोग इमोशनल ईटिंग, जंक फूड, कैफीन और शराब का सेवन करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है.
थायराइड : कई सारी रिपोर्ट्स में यह बात सच साबित हो चुकी है कि स्ट्रेस के चलते थायराइड की समस्या भी बढ़ सकती है. इतना ही नहीं यह मोटापे और पेट की चर्बी को भी बढ़ा सकता है.