प्रेग्नेंसी के दौरान इन पांच चीजों से कर लें तौबा, नहीं तो हो सकती है मुश्किल
प्रेग्नेंसी में महिलाओं का शराब पीना बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है. दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान शराब का सेवन बच्चे किसी सेहत पर सीधा असर डालता है. इससे फीटल एल्कोहल सिंड्रोम का खतरा होता है. जिससे बच्चों के दिमाग के विकास और अंगों की संरचना पर असर पड़ता है. कई महिलाएं मानती हैं कि प्रेग्नेंसी में थोड़ी सी शराब पी सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है प्रेग्नेंसी में किसी भी मात्रा में शराब पीना सुरक्षित नहीं होता है.
महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कच्चे और अधपके खाने से परहेज करना चाहिए. कच्चा मांस, अधपके अंडे, डेली मीट और बिना धोए फल सब्जियां खाने से लिस्टेरिया, सैल्मोनेला और टॉक्सोप्लाज्मा जैसे बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा चाय या कॉफी पीना भी खतरनाक हो सकता है. दरअसल प्रेग्नेंसी में ज्यादा कैफीन लेने से गर्भपात, लो बर्थ वेट और बच्चों की ग्रोथ पर असर पड़ता है. ऐसे में प्रेग्नेंसी के समय में रोजाना एक से दो कप कैफीन ही सुरक्षित माना जाता है. वहीं सबसे ज्यादा कैफीन चाय, कॉफी, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक में होता है. इसलिए महिलाओं को इनका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए.
प्रेग्नेंसी के समय में महिलाओं को ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में नहीं रहना चाहिए. अगर प्रेग्नेंसी के समय में महिलाएं घंटों तक लगातार बैठे या खड़े रहती हैं तो इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है. उससे पैरों में सूजन वेरीकोज वेंस और थकान की समस्या हो सकती है. इसलिए प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं काे हर 30 से 40 मिनट में हल्की सी चहलकदमी जरूरी करनी चाहिए.
हॉट टब, गर्म पानी से नहाना या ज्यादा गर्म माहौल में रहने से शरीर का तापमान अचानक से बढ़ सकता है. ऐसे में बच्चे के अंगों के विकास पर असर पड़ सकता है. इसलिए महिलाओं को ज्यादा गर्म पानी में नहाना और गर्म माहौल में रहने से बचना चाहिए. खासकर पहले के तीन महीनों में.