भनक तक नहीं लगती और शरीर को अंदर से खोखला बना देती है ये बीमारियां, आज हर दूसरा व्यक्ति है इन साइलेंट किलर बीमारियों का शिकार

साइलेंट बीमारी के संकेत
एक लाइलाज बीमारी जो किडनी और दिल को नुकसान पहुंचा सकती हैं. दुनिया में काफी लोग प्री-डायबिटिक हैं. मतलब ऐसे लोग जिनमें ये बीमारी शुरू हो चुकी है लेकिन इसकी शुरुआत की भनक नहीं लग पाती, क्योंकि इनके लक्षण ही नहीं नजर आते हैं.
गुड कोलेस्ट्रॉल HDL, और बैड कोलेस्ट्रॉल LDL होता है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का कोई लक्षण ही नहीं होता है. ऐसी बीमारियां तभी पकड़ में आती हैं, जब रेगुलर चेकअप कराया जाए.
जब नसें सिकुड़ जाती हैं या ब्लॉकेज हो जाता है, तब खून को बहने का रास्ता नहीं मिल पाता है. इस वजह से दिल को ज्यादा प्रेशर से ब्लड पंप करने की आवश्यकता पड़ने लगती है. ऐसे में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है. यह भी साइलेंट किलर डिजीज मानी जाती है.
जानलेवा स्लीप डिसऑर्डर, जिसमें नींद के दौरान सांस एकाएक रूक जाती है और फिर शुरू हो जाती ही. इससे स्ट्रोक या मौत का खतरा ज्यादा बढ़ जताा है. इस बीमारी में मरीज जोर-जोर से खर्राटे लेने लगता है.
जानलेवा बीमारी कैंसर में शरीर में हानिकारक चीजें बढ़ती रहती हैं. इसके शुरुआती लक्षण काफी कॉमन होते हैं. जिसे थकान या कमरोजी समझ लिया जाता है. इसकी जानकारी तभी लग पाती है, जब ये शरीर में फैल चुका होता है.
यह एक ऐसी बीमारी है, जो हड्डियों को खोखला बना देती है. कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के बाद ये बीमारी जन्म लेती है. इसके कारण छोटी सी चोट भी हड्डी फैक्चर का कारण बन सकती है. यह हड्डियों को कमजोर बना देती है.