सेहत का खजाना है मटर जैसी दिखने वाली ये सब्जी...इन बीमारियों से कर सकती है बचाव
अध्ययनों के अनुसार, एडामे यानी की सोयाबीन की फलियां हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती हैं. इसके गुण ऐसे हैं कि ये कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन या खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकती हैं. बता दें कि अधिकतर प्लांट बेस्ड फैट अनसैचुरेटेड होते हैं, जबकि एनिमल बेस्ड फैट सैचुरेटेड होते. बहुत अधिक सैचुरेटेड वसा का सेवन हृदय रोग और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं में योगदान कर सकता है.
एडामे यानी कि सोयाबीन की फलिया वजन घटाने के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है. यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है जिसे खाने से आपको भूख महसूस नहीं होती और आप ओवरइटिंग से बचते हैं. इसके सेवन से आप कुछ एक्स्ट्रा इंचेज घटा सकते हैं.
मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्याओं में भी सोयाबीन की फलियां काफी फायदेमंद हो सकती है. मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को हॉट फ्लैशेज, बहुत अधिक पसीना आना, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग जैसी समस्याएं होना सामान्य है, लेकिन इन्हें सोयाबीन की फलियों की मदद से काफी हद तक कम किया जा सकता है.
ये फलियां हड्डियों को कमजोर होने से रोकती है. इसके सेवन से हड्डियों को होने वाले नुकसान को भी धीमा किया जा सकता है. ये ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी को रोकने में काफी मददगार है.
सोयाबीन की फलियां त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद है. इसमें मौजूद आइसोफ्लेवोन्स त्वचा में कॉलेजन को बढ़ावा देता है. इससे त्वचा की उम्र बढ़ने के सामान्य लक्षण जैसे फाइन लाइंस और झुर्रियों में कमी आती है.
इसमें मौजूद फोलेट की मात्रा शरीर में होमोसिस्टाइन नामक पदार्थ की बहुत अधिक मात्रा को बनने से रोक कर डिप्रेशन के खतरे को कम करती है. होमोसिस्टिन्न का उच्च स्तर रक्त और अन्य पोषक तत्व को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकता है. जो को सेरोटोनिन हार्मोन के उत्पादन में रुकावट बनता है.
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण ये फलियां मधुमेह वाले लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकती है. कहा जाता है कि इसके सेवन से रक्त शर्करा का स्तर नहीं बढ़ता है.