आंतों में नहीं अटकेगा मल, ये दो चीजें मिलाकर पी लें गरम दूध
कब्ज एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें मल त्याग में दिक्कत होती है या मल कड़ा और सूखा हो जाता है. इसकी वजह से आंतों में मल जमा हो जाता है. यह समस्या अनियमित खानपान, कम पानी पीने, फाइबर की कमी, टेंशन और मॉडर्न लाइफस्टाइल के कारण हो सकती है. लंबे समय तक कब्ज रहने से बवासीर, गुदा में दरार (फिशर) और आंतों की सूजन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 20 पर्सेंट आबादी किसी न किसी रूप में कब्ज से पीड़ित है. भारत में यह समस्या और भी आम है, क्योंकि हमारी डाइट में अक्सर फाइबर की कमी और प्रोसेस्ड फूड आइटम ज्यादा होते हैं.
दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल में आयुर्वेदिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. प्रताप चौहान के मुताबिक, आंतों की सेहत पूरे शरीर की सेहत का आधार है. अगर आंतें साफ और हेल्दी नहीं हैं तो पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है. इससे थकान, कमजोरी और अन्य दिक्कतें हो सकती हैं. गर्म दूध में घी और त्रिफला चूर्ण मिलाकर पीना नैचुरल और असरदार उपाय है, जो न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है.
गौरतलब है कि आयुर्वेद में दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, जो कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है. जब इसमें घी और त्रिफला चूर्ण मिलाया जाता है तो इसका पोषण मूल्य और औषधीय गुण कई गुना बढ़ जाते हैं.
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक, त्रिफला चूर्ण में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट गुण आंतों की गतिशीलता को बढ़ाते हैं और मल त्याग को नियमित करते हैं. वहीं, जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में पब्लिश स्टडी में पाया गया कि घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों की माइक्रोबायोम को बेहतर बनाता है, जो पाचन और ओवरऑल हेल्थ के लिए अहम है.