सोते समय मुंह खोलकर लेते हैं सांस तो जल्दी हो जाएगी ये दिक्कत, ऐसे दूर करें यह समस्या

मुंह खोलकर सोने की आदत अक्सर काफी लोगों में होती है. हो सकता है यह आदत आपको भी हो, जो दिखने में बहुत आम और स्वाभाविक सी लगती है और आप सोच रहे होंगे कि इससे क्या ही समस्या होती होगी. अगर आपका भी मानना यही है, तो आप गलत सोच रहे हैं. सोते समय मुंह खोलकर सोने से आपके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
अगर आप भी मुंह खोलकर सोते हैं, तो आपने ध्यान दिया होगा कि जब आप सुबह सोकर उठते हैं या नींद के बीच एकदम से उठते हैं, तो आपका मुंह सूखा-सूखा लगता है और आप इसे नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन आपके मुंह की लार मुंह के अंदर मौजूद बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए एसिड को बेअसर करती है और मुंह में बचे भोजन के महीन टुकड़ों या कणों को साफ करने में अहम भूमिका निभाती है.
मुंह खोलकर सोने से सबसे बड़ी समस्या आती है लगातार मुंह से दुर्गंध आना, क्योंकि अगर कोई व्यक्ति मुंह खोलकर सोता है तो उसके मुंह में नमी खत्म हो जाती है और सूखा हुआ मुंह दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया का घर बन जाता है.
जब कोई व्यक्ति मुंह खोलकर सोता है, तो मुंह सूखने लगता है और लार कम बनने लगती है. ऐसी स्थिति में दांतों को प्राकृतिक सुरक्षा नहीं मिल पाती. इसका नतीजा यह होता है कि बैक्टीरिया आसानी से अम्ल यानी ऐसा पदार्थ जो खट्टा होता है, बनाते हैं और दांत इन अम्लीय हमलों से ज्यादा कमजोर हो जाते हैं.
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि लोग मुंह खोलकर इसलिए सोते हैं क्योंकि नाक से सांस लेने में दिक्कत होती है. इसलिए समाधान भी वहीं से शुरू होता है.
अगर नाक बंद रहती है, तो सोने से पहले भाप लें या हल्का सलाइन स्प्रे इस्तेमाल करें, ताकि नाक साफ रहे. अगर एलर्जी या सर्दी रहती है, तो उसका इलाज कराना जरूरी है.
अगर समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तेज खर्राटे आते हैं या सांस रुकने जैसी दिक्कत होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसे में ENT डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेना जरूरी होता है, क्योंकि कभी-कभी यह नाक की हड्डी, टॉन्सिल या स्लीप एपनिया से जुड़ी समस्या भी हो सकती है.