Physical Activity And Mood: नई रिसर्च में सामने आया मूड और फिजिकल एक्टिविटी का सीधा संबंध, जानें क्या हुआ खुलासा?

हम में से कई लोग जानते हैं कि एक्सरसाइज करने से रिलेक्स फील होता है, लेकिन अब एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने इस बात को वैज्ञानिक रूप से साबित कर दिया है. इस स्टडी में 67 रिसर्च ग्रुप्स और 8,000 से ज्यादा लोगों के तीन लाख से ज्यादा मूड रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया गया. स्मार्टफोन और वियरेबल डिवाइस की मदद से यह पता लगाया गया कि रोजमर्रा की हल्की फिजिकल एक्टिविटी जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना या घर के काम करना, मूड पर कैसे असर डालती है. तो आइए जानते हैं कि नई रिसर्च में मूड और फिजिकल एक्टिविटी के सीधे संबंध को लेकर क्या खुलासा किया गया है.
रिसर्च में पाया गया कि हमारा मूड और फिजिकल एक्टिविटी आपस में जुड़े हुए हैं यानी जब हम हल्की या डेली की एक्टिविटी करते हैं, तो हमारा मूड बेहतर होता है. और इसके उलट, जब हम अच्छा महसूस कर रहे होते हैं, तब हम ज्यादा एक्टिव होते हैं.
स्टडी में देखा गया कि एनर्जी लेवल फिजिकल एक्टिविटी के साथ सबसे ज्यादा जुड़ा हुआ है. 95 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने रिपोर्ट किया कि जब वे एक्टिव रहते थे, उन्हें ज्यादा एनर्जी महसूस होती थी.
स्टडी ने यह साफ किया कि आपको जिम जाने या भारी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है. रोजमर्रा की छोटी एक्टिविटी जैसे घर की सफाई, बालकनी में घूमना या सीढ़ियां चढ़ना भी मूड को बेहतर बनाती हैं.
जो लोग शुरुआत में कम खुश या कम एनर्जेटिक महसूस कर रहे थे, उन्हें फिजिकल एक्टिविटी से सबसे ज्यादा फायदा हुआ. इसका मतलब यह है कि हर किसी के लिए थोड़ी एक्टिविटी मूड को बेहतर बना सकती है, लेकिन जिनका मूड कमजोर है, उनके लिए यह और भी ज्यादा असरदार है.
इस स्टडी में दुनिया भर के अलग-अलग लोगों के डेटा को शामिल किया गया. स्मार्टफोन और वियरेबल डिवाइस की मदद से शोधकर्ताओं ने यह समझा कि कौन सी एक्टिविटी, किस समय और किस व्यक्ति के मूड पर ज्यादा असर डालती हैं. यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के अनुसार सबसे सही जानकारी देती है.
यह रिसर्च बताती है कि मूवमेंट और मूड जुड़े हैं, क्यों कुछ लोगों को ज्यादा फायदा होता है और कुछ को कम, यह अभी साफ नहीं है. आगे शोधकर्ता यह जानने की कोशिश करेंगे कि व्यक्तिगत और पर्यावरणीय कारक कैसे इस संबंध को प्रभावित करते हैं.