रनिंग करते वक्त जल्दी थक जाते हैं? एक्सपर्ट से जानें स्टैमिना बढ़ाने के 5 असरदार तरीके

आज के समय में रनिंग सिर्फ फिट रहने का जरिया नहीं, बल्कि वजन कंट्रोल करने, एनर्जी बढ़ाने और स्ट्रेस कम करने का भी तरीका बन चुकी है. कोरोना के बाद सांस फूलने की समस्या, बढ़ता मोटापा और थकान भरी लाइफस्टाइल ने कई लोगों को रनिंग की ओर मोड़ा है. लेकिन ज्यादातर लोग कुछ ही मिनटों में हांफने लगते हैं. इसे लेकर फिटनेस एक्सपर्ट बताते हैं कि इसका कारण जूते या स्पीड नहीं, बल्कि स्टैमिना की कमी होती है. वहीं सही आदतों और स्मार्ट ट्रेनिंग से स्टैमिना धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है.
दरअसल रनिंग में सबसे बड़ी गलती बहुत तेज शुरुआत करना होती है. जब हमारा शरीर तैयार नहीं होता तो जल्दी थकान और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी स्पीड से दौड़ना चाहिए जिसमें आप आराम से बात कर सकें. वहीं हर हफ्ते दूरी या स्पीड 10 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ानी चाहिए, ताकि शरीर को एडजस्ट होने का पूरा समय मिल सके.
इसके अलावा गलत तरीके से सांस लेने से एनर्जी जल्दी खत्म हो जाती है. कई लोग दौड़ते वक्त छोटी-छोटी सांसें लेते हैं. इसकी जगह पेट से गहरी सांस लेने की आदत डालनी चाहिए. इसके लिए तीन कदम में सांस लेनी चाहिए और दो कदम में छोड़नी चाहिए. इससे मसल्स तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है और दौड़ना आसान लगता है.
मजबूत मसल्स रनिंग को आसान बनाते हैं. ऐसे में स्क्वैट्स, लंजेस, प्लैंक और ग्लूट ब्रिज जैसे एक्सरसाइज पैरों और कोर को मजबूत करते हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे न सिर्फ स्टैमिना बढ़ता है, बल्कि घुटने, टखने और कमर की चोटों का खतरा भी कम होता है.
वहीं कई रनर्स कम खाना खा लेते हैं. जबकि रनिंग के दौरान शरीर को एनर्जी के लिए कार्ब्स की जरूरत होती है. ऐसे में डाइट में साबुत अनाज, फल और सब्जियां शामिल करें. वहीं प्रोटीन मसल्स की रिकवरी में मदद करता है. साथ ही पानी की कमी भी स्टैमिना घटा सकती है, इसलिए हाइड्रेट रहना जरूरी है.
स्टैमिना सिर्फ दौड़ने से नहीं, बल्कि आराम के दौरान भी बनता है. इसके लिए रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए. वहीं बीच-बीच में रेस्ट डे लेना मसल्स की रिकवरी के लिए जरूरी है. बिना आराम के लगातार रनिंग करने से थकान बढ़ती है और प्रोग्रेस रुक सकती है.