जमकर पी ली है शराब और अब सता रहा हैंगओवर का डर, ये टिप्स दूर कर देंगे आपकी हर टेंशन
ज्यादा शराब पीने के बाद होने वाली शारीरिक और मानसिक दिक्कत को हैंगओवर कहा जाता है. दरअसल, शराब पीने के बाद बार-बार यूरिन आता है, जिसके चलते शरीर से लिक्विड और इलेक्ट्रोलाइट्स को बाहर निकल जाते हैं. इसकी वजह से सिरदर्द, थकान और प्यास जैसी दिक्कतें होती हैं.
शराब को लिवर में मेटाबोलाइज करने पर एसिटैल्डिहाइड बनता है. यह एक जहरीला पदार्थ होता है, जिसकी वजह से सिरदर्द, उल्टी की दिक्कत होती है. शराब पीने के बाद नींद आती है, लेकिन इससे REM (रैपिड आई मूवमेंट) नींद पर असर पड़ता है, थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है.
कई रिसर्च में सामने आया है कि शराब के सेवन से साइटोकिन्स (cytokines) का लेवल स्तर बढ़ता है, जो सूजन (inflammation) और हैंगओवर के लक्षणों को बढ़ाता है. वहीं, गहरे रंग की शराब जैसे व्हिस्की और रेड वाइन में कॉन्जनर्स ज्यादा होते हैं, जो हैंगओवर की तीव्रता को बढ़ाते हैं.
Addiction जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, हैंगओवर की गंभीरता व्यक्ति की उम्र, जेंडर, शारीरिक बनावट और शराब की मात्रा पर निर्भर करती है। अगर कोई महिला किसी पुरुष के बराबर शराब पीती है तो उसे पुरुष की तुला में हैंगओवर का अनुभव ज्यादा हो सकता है. दरअसल, महिलाओं के शरीर में ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) ज्यादा होता है.
यूके के चीफ मेडिकल ऑफिसर्स की गाइडलाइंस के अनुसार, पुरुषों को रोजाना ज्यादा से ज्यादा 2 ड्रिंक और महिलाओं को 1 ड्रिंक तक सीमित रहना चाहिए. एक ड्रिंक का मतलब 360 मिलीलीटर 5% बियर, 150 मिलीलीटर 12% वाइन, या 45 मिलीलीटर 40% लिकर. धीरे-धीरे और नियंत्रित मात्रा में पीने से हैंगओवर का खतरा कम होता है.
प्रत्येक ड्रिंक के बाद एक गिलास पानी पीने से डिहाइड्रेशन की दिक्कत कम होती है. सोने से पहले एक बड़ा गिलास पानी पीने से शरीर में लिक्विड की कमी नहीं रहती है. ग्रीन टी, हनी क्राइसेंथमम टी या सोडा वॉटर शराब के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करते हैं.
शराब पीने से पहले कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त भोजन जैसे पास्ता, एवोकाडो या नट्स खाएं. इससे शराब का अवशोषण धीमा होता है. खाली पेट शराब पीने से हैंगओवर के लक्षण बदतर हो सकते हैं. वोडका, जिन या रम जैसी हल्की शराब में कॉन्जनर्स की मात्रा कम होती है, जिससे हैंगओवर की दिक्कत भी कम होने के आसार रहते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद लेने से हैंगओवर का खतरा कम होता है.