Drinking Water: क्या वाकई खड़े होकर पानी पीने से घुटने हो जाते हैं खराब? जान लीजिए सच
खड़े होकर पानी पीने से अक्सर मना किया जाता है. आजकल चलते-फिरते, उठते-बैठते पानी पीने की हमारी आदत बनती जा रही है, जबकि पानी पीने का भी एक तरीका होता है. पानी पीने को लेकर आयुर्वेद में कुछ नियम भी बताए गए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना सेहत के लिए ठीक नहीं है. माना जाता है कि खड़े होकर पानी पीने से वह घुटनों में जमा हो जाता है और घुटने खराब हो जाते हैं. इससे घुटनों में दर्द, सूजन और गठिया की समस्या भी हो सकती है. जानिए इन दावों में कितनी सच्चाई है...
क्या खड़े होकर पानी पीने से खराब हो जाते हैं घुटने खड़े होकर पानी पीने के फायदे या नुकसान को लेकर अभी तक किसी तरह की स्टडी नहीं की गई है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि पानी पीते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. खड़े होकर बहुत तेजी से पानी पीने से शरीर में पानी तेजी से आता है और शरीर का द्रव संतुलन बिगाड़ सकता है, लेकिन इससे घुटनों को नुकसान पहुंचता है, यह बिल्कुल सही नहीं है. हालांकि, इससे कुछ समस्याएं जरूर हो सकती हैं.
खड़े होकर पानी पीने से वह शरीर में तेजी से चला जाता है, जो जोड़ों के लिए अच्छा नहीं होता है. लंबे समय तक ऐसी गलती करने से गठिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इससे दर्द और सूजन भी हो सकता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैठकर पानी पीने से पेट के मसल्स रिलैक्स होते हैं लेकिन जब खड़े होकर पानी पीते हैं तो उनमें खिंचाव आता है, जिसकी वजह से अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
खड़े होकर पानी पीने से पानी फिल्टर हुए बिना पेट के निचले हिस्से में पहुंच जाता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ जाता है. इससे किडनी से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए.
खड़े होकर पानी पीने से सांस की समस्या हो सकती है. इस तरह पानी पीने से फूड और विंड पाइप से फेफड़े तक जाने वाला ऑक्सीजन सही तरह नहीं पहुंच पाता है और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.