Flu: किस वायरस की वजह से होता है फ्लू? ये होता है फैलने का कारण
फ्लू जिसे इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है. उसकी वजह से नाक, गले और फेफड़ों में इंफेक्शन होने लगता है. इसके कारण सांस की नली में भी इंफेक्शन होने लगता है.यह सबकुछ फ्लू वायरस के कारण होता है. इन्फ्लूएंजा को आम तौर पर फ्लू कहा जाता है, लेकिन यह पेट के 'फ्लू' वायरस से अलग है जो दस्त और उल्टी का कारण बनता है.
फ्लू से पीड़ित ज़्यादातर लोग अपने आप ठीक हो जाते हैं. उन्हें बस 3-4 दिन आराम करना पड़ता है. लेकिन कभी-कभी इन्फ्लूएंजा और उससे होने वाली समस्याएं खतरनाक हो सकती है.
कुछ लोगों पर फ्लू का गंभीर असर होता है जिसके कारण उनकी तबीयत काफी ज्यादा खराब हो जाती है. छोटे बच्चे, खास तौर पर 12 महीने या उससे कम उम्र के बच्चे को लगातार तबीयत खराब होती ही है.
वे लोग जो अस्थमा, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, लिवर की बीमारी या डायबिटीज से पीड़ित हैं उन्हें फ्लू का डर रहता है.
फ्लू के लक्षण होते हैं बहती नाक, छींकने और गले में खराश के साथ सर्दी जैसा लगना. सर्दी धीरे-धीरे होता है और फ्लू जल्दी हो जाता है. जबकि सर्दी-जुकाम दर्दनाक हो सकता है. फ्लू में बुखार के साथ-साथ मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना शामिल है.