Borderline Diabetes: बॉर्डरलाइन डायबिटीज क्या है? इसके होने शरीर देती है अजीबोगरीब इशारे...
प्रीडायबिटीज फेज में पैंक्रियाज अभी भी इनजेस्टेड कार्बोहाइड्रेट इंसुलिन बनाते हैं. हालांकि इंसुलिन वैसे काम नहीं करती है जैसे करनी चाहिए. इसमें ग्लूकोज लेवल हाई रहता है. इस पूरी स्थिति को इंसुलिन रेसिस्टेंस कहा जाता है.
अगर किसी को प्रीडायबिटीज है तो इसका साफ मतलब है कि एक समय के बाद इस व्यक्ति को डायबिटीज होगी. प्रीडायबिटीज लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बना रहता है. इसमें ब्लड का शुगर लेवल बढ़ा रहता है. इसमें शुगर का लेवल 5 से 15 गुना अधिक होता है. इससे आपको बचना है तो डाइट और लाइफस्टाइल दोनों को हेल्दी रखना बेहद जरूरी है.
प्रीडायबिटीज के मरीजों में सिर्फ 10 प्रतिशत ही लक्षण दिखाई देते हैं. इंसुलिन रेसिस्टेंस वाले शख्स को टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बना रहता है.
बोर्डरलाइन डायबिटीज में वजन बढ़ने के साथ-साथ शरीर मोटा होने लगता है. बॉडी इनएक्टिव हो जाती है.
हाई ब्लड प्रेशर, होई कोलेस्ट्रॉलल टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं. साथ ही फैमिली हिस्ट्री के कारण भी किसी व्यक्ति को डायबिटीज हो सकता है.