क्या आप भी पीते हैं हद से ज्यादा पानी? जानें इसके सात बड़े नुकसान
हमारे शरीर के रुटीन वर्क के लिए सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स बेहद जरूरी होते हैं. ज्यादा पानी पीने से ये इलेक्ट्रोलाइट्स हल्के हो जाते है. ऐसे में मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और कंफ्यूजन होने की दिक्कत बढ़ने का खतरा रहता है.
काफी ज्यादा पानी पीने से हाइपोनैट्रेमिया की दिक्कत हो सकती है, जिसकी वजह से खून में सोडियम की मात्रा बेहद कम हो सकती है. ऐसे में दिमाग में सूजन, उल्टी और दौरे आदि की दिक्कत हो सकती है. हालत गंभीर होने पर मरीज कोमा में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है.
ज्यादा पानी पीने से बार-बार पेशाब आ सकता है, जिसका असर आपके डेली रुटीन और नींद पर भी पड़ सकता है. दरअसल, ज्यादा पानी पीने से रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ सकता है. इससे आपकी नींद खराब होगी, जिससे आपको अगले दिन थकान महसूस हो सकती है.
जब आप बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो खून की मात्रा बढ़ जाती है. इससे दिल पर भी एक्स्ट्रा बोझ पड़ता है. ऐसे में हार्ट को पंप करने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है. दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह काफी खतरनाक हो सकता है.
ज्यादा पानी पीने से शरीर के अलग-अलग अंगों में सूजन आने का खतरा बढ़ जाता है. अगर उंगलियों या पैरों में सूजन दिखती है तो यह ज्यादा पानी पीने का संकेत हो सकता है.
ज्यादा पानी पीने की वजह से पेट में मौजूद एसिड पतला हो सकता है, जिसकी वजह से पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है. इससे पेट फूलने से लेकर अपच तक की दिक्कत हो सकती है. इसके अलावा भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों का अवशोषण बिगड़ सकता है.
आमतौर पर वयस्कों को रोजाना 2-3 लीटर यानी 8 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए. हालांकि, इसके लिए कई चीजों पर ध्यान रखना जरूरी है. आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं, यह जानने के लिए अपने पेशाब का रंग देख सकते हैं. हल्के पीले रंग के पेशाब का मतलब अच्छी तरह से हाइड्रेट होना है. वहीं, पेशाब का गहरा पीला रंग डिहाइड्रेशन का सिग्नल देता है.