घर में रोज इस्तेमाल होने वाली ये 6 चीजें बन जाती हैं जहर, समय पर नहीं बदली तो पहुंचा सकती है नुकसान
घर के फ्रिज में रखी प्लास्टिक की आइस क्यूब ट्रे को हर 2 साल में बदल देना चाहिए. फ्रीजर में रहने के बावजूद इनमें समय के साथ गंदगी बदबू और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. इनमें छोटे-छोटे क्रैक हो जाते हैं, जहां जर्म्स छिप जाते हैं. अगर बर्फ का स्वाद अजीब लगे या ट्रे का रंग बदल जाए तो इसे बदलने का समय आ गया है.
वहीं रीयूजेबल पानी की बोतल को हर 6 महीने में बदलना चाहिए. रोज धोने के बाद भी ढक्कन और स्ट्रॉ में नमी रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं. खासकर प्लास्टिक बोतल समय के साथ खराब होने लगती है. ऐसे में स्टील की बोतल सही ऑप्शन मानी जाती है.
इसके अलावा बाथ टॉवल को हर 2 साल में बदल देना चाहिए. भले ही आप इसे बार-बार धोते हों, लेकिन लगातार नमी के संपर्क में रहने से इसमें बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. अगर तौलिया सख्त लगने लगे या उसमें सीलन की बदबू आने लगे तो उसे बदल देना चाहिए.
रीयूजेबल ग्रोसरी बैग को भी हर 2 साल में बदलना जरूरी है. इनमें कच्ची सब्जियां, मांस और गंदगी आ जाती है, जिससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. अगर बैग से बदबू आने लगे या वह बहुत खराब दिखने लगे, तो उसे बदल देना चाहिए.
वहीं बेडशीट को हर 2 से 3 साल में बदलना चाहिए. रोज इस्तेमाल के दौरान पसीना, डेड स्किन और बॉडी ऑयल इसमें जमा हो जाते हैं. बार-बार धोने के बाद भी कपड़े के रेशे कमजोर हो जाते हैं.
घर में रोज पहनने वाली चप्पल को 8 से 12 महीने में बदल देनी चाहिए. ये पसीना, धूल और गंदगी सोख लेती है और समय के साथ कुशनिंग भी खत्म हो जाती है. पुरानी चप्पलों में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो पैरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.