इन खूबसूरत रंगोली से सजाएं गुरु का आंगन, इतना सम्मान देखते ही देने लगेंगे आशीर्वाद
रंगोली प्राचीन भारतीय कला है, जो विभिन्न रंगों और पैटर्न्स के माध्यम से सौंदर्य और समृद्धि का प्रतीक है. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रंगोली बनाना न केवल घर की सजावट के लिए अहम है, बल्कि यह सकारात्मकता और पवित्रता का संदेश भी देता है.
रंगोली में इस्तेमाल होने वाले प्रतीक जैसे कमल, स्वास्तिक, दीपक और ओम, इस पर्व के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हैं. यह कला न केवल घर को सुंदर बनाती है, बल्कि परिवार और समुदाय को एक साथ लाने का भी काम करती है.
आप अपने गुरु के सम्मान में गुरु चरण रंगोली बना सकते हैं. इसके लिए सफेद रंगोली पाउडर या चाक से गुरु के चरणों की आकृति बनाएं. चरणों के चारों तरफ लाल, पीले और हरे रंग से फूलों की पंखुड़ियां या छोटे बिंदु बनाएं. इसके बाद चरणों के पास छोटे दीपक या कमल की आकृति बनाकर इसे और आकर्षक बनाएं.
आप गुरु पूर्णिमा पर ओम और कमल का डिजाइन बना सकते हैं. इसके लिए पीले या सफेद रंग से बड़ा ओम प्रतीक बनाएं. इसके चारों तरफ गुलाबी या सफेद रंग से कमल की पंखुड़ियां बनाएं. रंगोली के किनारों पर ज्यामितीय पैटर्न या पत्तियों की आकृतियां बनाएं.
इसके अलावा दीपक और स्वास्तिक रंगोली भी आपके गुरु के लिए परफेक्ट साबित हो सकती है. इसके लिए लाल रंग से बड़ा स्वास्तिक बनाएं. स्वास्तिक के चारों तरफ चार छोटे दीपक बनाएं, जिन्हें नारंगी और पीले रंग से सजाया जा सकता है. फूलों की पंखुड़ियों या छोटे बिंदुओं से बॉर्डर बनाएं.
गुरु-शिष्य रंगोली से आप अपने और अपने गुरु के पवित्र रिश्ते को दिखा सकते हैं. इसके लिए एक सादा रंग में गुरु और शिष्य की आकृति बनाएं, जहां शिष्य गुरु के चरणों में बैठा हो. आकृति को चारों तरफ फूलों, दीपकों या किताबों के प्रतीकों से सजाएं. इसमें गुरु पूर्णिमा या गुरु शक्ति शब्द लिखे जा सकते हैं.
गुरु के प्रति प्रेम और श्रद्धा को दिखाने के लिए फूलों की रंगोली भी बना सकते हैं. सबसे पहले अलग-अलग रंगों से बड़े-बड़े फूल बनाएं. फूलों के बीच में गुरु या ॐ लिखें. पत्तियों और बिंदुओं से बॉर्डर बनाएं. असली फूलों की पंखुड़ियां इस्तेमाल करके इसे ज्यादा सुंदर बनाया जा सकता है.