ब्रेस्टफीडिंग करवाने पर कभी नहीं होगी यह बीमारी, जानें और भी फायदे
ब्रेस्टफीडिंग यानी स्तनपान कराना, नवजात शिशु और मां दोनों के लिए कई फायदेमंद होता है. ब्रेस्टफीडिंग से शिशु को पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलती है, और मां को कई बीमारियों से बचाव करता है.
शोधों से पता चला है कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियां कम होती हैं. यह पोस्टपार्टम अवस्था में भी मदद करता है. .
जब मां अपने बच्चे को अपना दूध पिलाती है तो उन दोनों के बीच एक गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक बंधन बनता है. बच्चा जब मां की गोद में बैठकर दूध पीता है तो वह उसका स्पर्श और प्यार महसूस करता है.
मां का दूध बच्चे के मानसिक विकास के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. शोधों से पता चलता है कि जिन बच्चों को स्तनपान के रूप में मां का दूध मिला है, वे दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा होशियार और बुद्धिमान होते हैं.
मां के दूध में एंटीबॉडीज़ और व्हाइट ब्लड सेल्स जैसे प्रतिरक्षा तत्व उपस्थित होते हैं, जो बच्चे के शरीर में जाकर उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. इन प्रतिरक्षा तत्वों की वजह से ब्रेस्टफेड बच्चे कम बीमार पड़ते हैं और उन्हें संक्रमण, वायरल बुखार, पेट की समस्याएं आदि होने का खतरा भी कम होता है.