Winter Foods To Avoid: सर्दी में गलती से भी नहीं खानी चाहिए ये चीजें, वरना हर वक्त पकड़े रहेंगे पेट

भारत में सर्दियां अपने साथ एक खास रौनक लेकर आती हैं. सुबह की हल्की धूप, शाम की ठंडक और त्योहारों की चहल-पहल इस मौसम को और भी सुखद बना देती है. इसी दौरान लोग चाय, पकौड़े और तिल गजक जैसी मौसमी चीजों का खूब आनंद लेते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इन मौसम में क्या खाना-पिना नहीं चाहिए.
सर्दियों में तली-भुनी चीजों की क्रेविंग सबसे ज्यादा होती है, लेकिन ये पेट को भारी बनाकर पाचन को और सुस्त कर देती हैं. ठंड के मौसम में शरीर वैसे भी ज्यादा मेहनत करता है गर्म रहने के लिए, इसलिए ऐसे खाने से गैस, एसिडिटी और चेहरे पर दिक्कतें बढ़ जाती हैं.
कच्ची सब्जियां और सलाद गर्मियों में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन सर्दियों में ये शरीर को अंदर से ठंडा कर देते हैं. कच्चा खाना पचने में वक्त लेता है, जिससे पेट फूलना, गैस और असहजता जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
दही, छाछ और ठंडी डेयरी प्रोडक्ट्स इस मौसम में बलगम और बंद नाक जैसी समस्याएं बढ़ा देती हैं. ठंड में इनका असर गले और साइनस पर जल्दी पड़ता है, इसलिए इन्हें कम करना बेहतर है, या फिर गर्म दूध जैसे विकल्प चुनें.
सर्दियों में त्योहारों और घर की मिठाइयों के कारण चीनी की मात्रा अचानक बढ़ जाती है. ज्यादा मीठा न केवल वजन बढ़ाता है, बल्कि इम्युनिटी को भी कमजोर कर देता है, जिससे सर्दी-जुकाम जल्दी होने लगता है. गुड़ और खजूर जैसे विकल्प ज्यादा फायदेमंद हैं.
चाय और कॉफी सर्दियों में एक तरह से आदत बन जाती है, लेकिन इनकी अधिक मात्रा शरीर को डिहाइड्रेट करने लगती है. इससे त्वचा का रूखापन, थकान और नींद बिगड़ने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, इसलिए हर्बल या मसाला चाय बेहतर रहती है.
कई घरों में सर्दियों में गरमागरम नॉन-वेज करी और मसालेदार ग्रेवी खाने का चलन बढ़ जाता है. लेकिन जब मटन जैसी भारी चीजें जरूरत से ज्यादा खा ली जाती हैं, तो पेट पर सीधा असर पड़ता है. पाचन धीमा हो जाता है, गैस, भारीपन या जलन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.