World Consumer Rights Day: कंज्यूमर राइट्स के मामले में ये हैं टॉप-5 देश, जानें कहां आता है भारत?

World Consumer Rights Day: हम बाजार से कुछ न कुछ मंगाते और खरीदते रहते हैं. कई बार हमें ठीक चीज मिल जाती है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है, तो हम वहां पर इसकी शिकायत करते हैं. लेकिन जब शिकायत की सुनवाई नहीं होती है तो हम क्या करते हैं? ऐसे में हम कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज करते हैं. जहां हमारी शिकायत की सुनवाई होती है और निवारण मिलता है.
कंज्यूमर राइट्स को लेकर हर देश में ग्राहकों को अलग-अलग अधिकार दिए गए हैं. आज वर्ल्ड कंज्यूमर डे है, लेकिन कंज्यूमर राइट्स के मामले में टॉप 5 देशों में भारत नहीं आता है. तो आखिर वो पांच देश कौन से हैं, जानते हैं.
वर्ल्ड कंज्यूमर डे या विश्व उपभोक्ता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि कोई कंज्यूमर बाजार के शोषण का शिकार तो नहीं हो रहा है. ये दिन उपभोक्ताओं कों उनके हक के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है.
टॉप 5 देशों की लिस्ट में पहला नाम स्वीडन का है. ये देश स्ट्रॉन्ग सोशल सेफ्टी और कंज्यूमर प्रोटेक्शन के लिए जाना जाता है. स्वीडन के पास इसको लेकर बेहतरीन कानून है जो कि कंज्यूमर को धोखाधड़ी से बचाने का काम करता है.
जर्मनी यूरोपियन यूनियन का मेंबर है, ऐसे में उनके लिए यूरोपीय संघ के निर्देश होते हैं. ऐसे में वहां पर कंज्मूर लॉ बहुत सख्त और अच्छे हैं. यहां इन्फोर्मेंट एजेंसी भी हैं, जो इसके लिए काम करती हैं.
स्विट्जरलैंड में प्रोडक्ट की गुणवत्ता और सुरक्षा में उच्च मानकों के लिए एक अच्छी प्रतिष्ठा है, और इसके उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को अच्छी तरह से फॉलो किया जाता है.
स्वीडन की तरह नॉर्वे में भी सोशल वेलफेयर सिस्टम बहुत स्ट्रॉन्ग है और इसका फ्रेमवर्क कन्ज्यूमर्स के लिए अच्छे तरीके से काम करता है.
नीदरलैंड्स भी अपने इफेक्टिव कंज्यूमर प्रोटेक्शन एजेंसीज और कंज्यूमर राइट्स को लागू करने के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच के लिए जाना जाता है.