हमेशा गोल ही क्यों बनाई जाती है छतरी, कभी चौकोर बनाने की क्यों नहीं हुई कोशिश?

बारिश हो या फिर धूप, छतरी का इस्तेमाल किया जाता रहा है. छतरी हमें बारिश में भीगने से बचा लेती है तो वहीं कड़कड़ाती धूप से भी ये हमारा बचाव करती है.
छतरी का इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहा है, ऐसे में इसे लेकर भी कई तरह के सवाल हैं जो लोगों के मन में आते हैं.
इसी तरह एक सवाल ये भी है कि छतरी गोल ही क्यों होती है? चोकोर क्यों नहीं? चलिए जान लेते हैं.
दरअसल ऐसा नहीं है कि गोल की जगह चोकोर छतरी बनाने के बारे में कभी सोचा नहीं गया है, लेकिन गोल की अपेक्षा चोकोर छतरी उतनी सुरक्षा नहीं देती.
दरअसल गोल छतरी पानी को चारों ओर से रोक लेती है, वहीं यदि छतरी चोकोर होती है तो वो पास से गुजर रहे लोगों को परेशान भी करेगी और आपको भीगने से तो बचा लेती हैं, लेकिन सुरक्षा नहीं देतीं.
ऐसे में छोटी छतरियां गोल और बड़ी छतरियां चोकोर बनाई जाती हैं. वहीं चोकोर छाते को रखना भी मुश्किल होता है यही वजह है कि छाते को गोल ही रखा जाता है.