Earth Rotation: एक ही दिशा में क्यों घूमती है पृथ्वी, अगर उल्टी दिशा में घूमने लगे तो क्या होगा?
लगभग 4.6 अरब साल पहले पृथ्वी सौर नेबुला नाम के गैस और धूल के घूमते हुए बादल से बनी थी. जैसे ही यह बादल गुरुत्वाकर्षण की वजह से सिकुड़ा, यह एक ही दिशा में घूमने लगा. बस तभी से यह पृथ्वी पश्चिम से पूरब की तरफ घूम रही है.
एंगुलर मोमेंटम के संरक्षण के नियम के मुताबिक कोई भी घूमती हुई चीज तब तक उसी दिशा में घूमती रहती है जब तक उस पर कोई बहुत बड़ा बाहरी बल ना लगे. अब क्योंकि पृथ्वी पर ऐसा कोई भी बल नहीं लगा है इस वजह से इसकी घूमने की दिशा अरबों सालो से नहीं बदली है.
सिर्फ धरती ही नहीं बल्कि हमारे सौरमंडल के ज्यादातर ग्रह एक ही पश्चिम से पूरब दिशा में घूमते हैं. यह इस बात का सबूत है कि सभी ग्रह एक ही घूमती हुई सौर डिस्क से बने हैं.
अगर पृथ्वी अचानक पूरब से पश्चिम की तरफ घूमने लगे तो सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि सूरज पश्चिम में उगेगा और पूरब में डूबेगा. हालांकि यह देखने में काफी अजीब लग सकता है लेकिन यह कहीं ज्यादा बड़े वैश्विक बदलावों की सिर्फ शुरुआत होगी.
उल्टी घूमने की दिशा हवा के पैटर्न और समुद्र की धाराओं को बदल देगी. गल्फ स्ट्रीम जैसी गर्म धाराएं गायब हो जाएंगी और यूरोप काफी ज्यादा ठंडा हो जाएगा. इसी के साथ सहारा जैसे रेगिस्तान हरे भरे हो सकते हैं और अमेजन जैसे वर्षावन सूख सकते हैं.
प्रवासी जानवर जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर निर्भर रहते हैं वह अपने नेविगेशन के संकेत खो देंगे. टाइम जोन जैसी इंसानी प्रणालियों भी उलट जाएंगी.