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(Source: ECI/ABP News)
Alcohol Breath Smell: शराब पीने के बाद क्यों आती है मुंह से बदबू, इसमें ऐसा क्या मिला होता है?

Alcohol Breath Smell: थोड़ी सी भी शराब पीने के बाद सांस में एक तेज और अजीब सी गंध आने लगती है जो कभी-कभी अगली सुबह तक बनी रहती है. ऐसा इसलिए नहीं होता कि शराब की कोई अपनी गंध होती है बल्कि असली वजह कुछ और है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
जब शरीर के अंदर शराब जाती है तो लीवर इसे एसिटाल्डिहाइड नाम के जहरीले कंपाउंड में तोड़ देता है. इसमें एक तेज और अजीब गंध होती है और यह सांस और पसीने के जरिए बाहर निकलता है.
शराब एक ड्यूरेटिक की तरह काम करती है. इसका मतलब है कि यह यूरीन आउटपुट बढ़ाती है और शरीर में पानी का लेवल कम करती है. जैसे ही डिहाइड्रेशन होता है लार का प्रोडक्शन कम हो जाता है. अब क्योंकि लार गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को धो देती है इस वजह से मुंह सूखने से यह बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं.
शराब सिर्फ मुंह को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि यह खून में मिलकर फेफड़ों तक पहुंचती है. इसका कुछ हिस्सा भाप बनकर हर सांस के साथ बाहर निकलता है. यही वजह है कि ब्रश करने, च्युइंग गम चबाने या फिर माउथवॉश का इस्तेमाल करने से अक्सर शराब से जुड़ी सांस की बदबू पूरी तरह से खत्म नहीं होती.
एक सूखा, शराब के संपर्क में आया मुंह एनारोबिक बैक्टीरिया को पैदा करता है. यहां बैक्टीरिया खाने के कणों और प्रोटीन को तोड़ता है जिसमें से सल्फर वाले कंपाउंड निकलते हैं. यह कंपाउंड तेज, सड़ी हुई गंध वाली सांस के लिए जिम्मेदार होते हैं.
डार्क लिकर और फ्लेवर्ड शराब वाले ड्रिंक में कॉन्जेनर, शुगर और एरोमैटिक कंपाउंड होते हैं. यह फर्मेंटेशन और एजिंग के दौरान बनते हैं. यह सांस की गंध को और तेज करते हैं और सिर्फ शराब की तुलना में ज्यादा समय तक रह सकते हैं.
शराब अलर्टनेस को कम करती है और अक्सर ब्रश न करने, देर रात स्नैकिंग करने या फिर धूम्रपान करने की आदत डाल देती है. इससे बैक्टीरिया मुंह के अंदर और बढ़ते हैं और गंध और ज्यादा बढ़ जाती है.