Snakes Skin: सांप क्यों उतारता है अपनी केंचुली, क्या इसके बाद और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है स्नेक?

Snakes Skin: सांप जानवरों की दुनिया के सबसे दिलचस्प जीवों में से एक हैं. उनकी सबसे अनोखी बायोलॉजिकल प्रक्रिया में से एक है अपनी खाल उतरना. इंसानों और कई दूसरे जानवरों के उलट सांप बढ़ते समय अपनी बाहरी खाल को फैला नहीं सकते. अपने बढ़ते शरीर के आकार के हिसाब से और स्वस्थ खाल बनाए रखने के लिए वे समय-समय पर अपनी पुरानी बाहरी परत को उतारते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान और इसके ठीक बाद सांप अक्सर ज्यादा बचाव की मुद्रा में आ जाते हैं.
सांप का शरीर जीवन भर बढ़ता रहता है लेकिन उसकी बाहरी खाल उसी हिसाब से नहीं फैलती. जब खाल काफी तंग हो जाती है तो सांप पुरानी परत उतार देता है और एक नई बड़ी परत बनाता है. यह परत उसके बढ़े हुए आकार और वजन के हिसाब से होती है.
समय के साथ सांप की खाल पर माइट्स, बैक्टीरिया और दूसरे हानिकारक जीव जमा हो सकते हैं. बाहरी परत उतार कर सांप इनमें से कई अनचाहे जीवों को हटा देता है और अपने शरीर को स्वस्थ रखता है.
ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर चलने या फिर शिकार करने के दौरान सांपों को अक्सर खरोच और मामूली चोट लग जाती है. केंचुली उतारने से वे खराब खाल की जगह एक नई परत ला पाते हैं.
केंचुली उतारने से कुछ दिन पहले सांप की आंखों पर एक धुंधला तरल पदार्थ जमा हो जाता है. इससे उन्हें कुछ समय के लिए देखने में दिक्कत होती है. क्योंकि वे साफ नहीं देख पाते इस वजह से सांप आसानी से खतरे का अनुभव कर सकते हैं और अपनी तरफ आने वाली किसी भी चीज के प्रति बचाव की मुद्रा अपना सकते हैं.
पुरानी खाल उतारने के लिए सांप अपने शरीर को चट्टानों, टहनियों और खुरदरी सतहों पर रगड़ते हैं. यह प्रक्रिया काफी ज्यादा मुश्किल होती है जिससे वे सामान्य से ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं.
एक बार केंचुली उतर जाने के बाद सांप की नजर फिर से साफ हो जाती है और उसकी नई खाल ज्यादा चमकदार और लचीली दिखती है.