Rain science: आसमान से गिरने के बाद गोल क्यों हो जाती हैं बारिश की बूंदे, क्या है इसके पीछे का साइंस

Rain science: क्या आपने कभी सोचा है कि आसमान से गिरते समय बारिश की बूंद गोल क्यों नजर आती है? दरअसल बारिश की बूंदें जमीन पर गिरने के बाद गोल नहीं होती बल्कि हवा में गिरते समय ही अपना वह आकर ले लेती हैं. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
पानी के अणु एक दूसरे को जोर से आकर्षित करते हैं. सर्फेस टेंशन कहलाने वाला यह बल बूंद को अंदर की तरफ खींचता है. साथ ही गिरते समय उसे एक कॉम्पैक्ट आकार बनाए रखने में मदद करता है.
पानी की किसी भी तय मात्रा के लिए गोले का सतह क्षेत्र सबसे कम होता है. यही वजह है कि बारिश की छोटी बूंदें लगभग गोल हो जाती हैं.
बारिश की काफी छोटी बूंदें तो लगभग पूरी तरह गोल रहती हैं लेकिन जैसे-जैसे वे बड़ी होती हैं हवा का प्रतिरोध गिरते समय उनके आकार को बदलने लगता है.
हवा का ऊपर की तरफ लगने वाला बल बड़ी बारिश की बूंदों को धकेलता है. जिस वजह से वे नीचे से चटपटी और ऊपर से गोल हो जाती हैं.
जब बारिश की बूंदें काफी बड़ी हो जाती हैं तो हवा का दबाव उन्हें कई छोटी बूंद में तोड़ देता है. ये सर्फेस टेंशन की वजह से तेजी से फिर से गोल आकार ले देती हैं.
बारिश की बूंद का जाना पहचाना आकार तब बनता है जब वह हवा में गिर रही होती हैं. तब नहीं जब वे पृथ्वी की सतह पर गिर चुकी होती हैं.