Honey Production: मधुमक्खियां क्यों बनाती हैं शहद, क्या यह सच में उनकी उल्टी होती है?

Honey Production: शहद प्रकृति के सबसे दिलचस्प खाद्य पदार्थों में से एक है. इसे दुनिया भर में इसकी मिठास और स्वास्थ्य लाभों के लिए पसंद किया जाता है. लेकिन काफी लोगों को यह सुनकर हैरानी होती है कि शहद मधुमक्खी के मुंह से निकलता है. इस वजह से अक्सर लोग इसे मधुमक्खी की उल्टी भी कहते हैं. आइए जानते हैं कि क्या यह सच में मधुमक्खी की उल्टी है और आखिर मधुमक्खियां शहद क्यों बनाती हैं.
मधुमक्खी मुख्य रूप से सर्दी और ऐसे समय के लिए भोजन जमा करने के लिए शहद बनाती हैं जब फूल उपलब्ध नहीं होते. क्योंकि शहद ऊर्जा से भरपूर होता है और जल्दी खराब भी नहीं होता इस वजह से यह पूरे छत्ते के लिए लंबे समय तक चलने वाले भोजन की आपूर्ति का काम करता है.
हालांकि फूलों का रस मधुमक्खी के मुंह से ही बाहर आता है लेकिन यह असल में उल्टी नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह कभी भी पाचन वाले पेट या फिर आंत में नहीं जाता. इसके बजाय मधुमक्खी इसे एक खास शहद वाले पेट में अलग से जमा करती है.
मधुमक्खी के दो पेट होते हैं. एक पेट पाचन के लिए होता है और दूसरा शहद के लिए. फूलों से इकट्ठा किया गया रस इसी दूसरे हिस्से में जमा किया जाता है.
छत्ते में वापस लौटने के बाद काम करने वाली मधुमक्खी फूलों के रस को एक दूसरे के मुंह में डालकर रस को संसाधित करने वाली मधुमक्खियों तक पहुंचाती हैं. इस प्रक्रिया के दौरान रस में एंजाइम मिल जाते हैं और धीरे-धीरे उसे शहद में बदल देते हैं.
छत्ते के अंदर मधुमक्खियां फूलों के रस के चारों तरफ हवा का बहाव बनाने के लिए अपने पंखों को तेजी से फड़फड़ाती हैं. इससे रस में मौजूद अतिरिक्त पानी भाप बनकर उड़ जाता है और शहद गाढ़ा हो जाता है.
फूलों का रस इकट्ठा करने से लेकर एंजाइमों द्वारा उसे बदलने और नमी को कंट्रोल करने तक शहद बनाने की पूरी प्रक्रिया काफी ज्यादा मुश्किल और आपसी सहयोग पर आधारित होती है.