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हवाई जहाज की सीटों के लिए नीला रंग ही क्यों चुनती हैं एयरलाइंस? मार्केटिंग या साइंस क्या है इसका कारण?

निधि पाल   |  14 Feb 2026 06:56 AM (IST)
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हकीकत यह है कि हवाई जहाज की सीटों का रंग यूं ही तय नहीं होता है. यह फैसला कई स्तर पर सोच-विचार के बाद लिया जाता है. दुनिया की बड़ी एयरलाइंस जैसे IndiGo, American Airlines और Lufthansa सहित ज्यादातर कंपनियों ने अपने केबिन इंटीरियर में नीले शेड को प्रमुखता दी है.

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इसके पीछे तीन बड़े कारण माने जाते हैं- मेंटेनेंस, मनोविज्ञान और ब्रांडिंग. एयरलाइंस के पास हर उड़ान के बाद विमान को पूरी तरह साफ करने के लिए बहुत सीमित समय होता है. खासकर छोटी दूरी की उड़ानों में, जहां एक ही विमान दिन में कई चक्कर लगाता है. ऐसे में सीटों पर पड़े दाग-धब्बे जल्दी नजर न आएं, यह बेहद जरूरी होता है.

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नीला रंग गहरे शेड में गंदगी को छुपाने में मदद करता है. कॉफी, जूस या खाने के हल्के दाग नीले कपड़े में उतने स्पष्ट नहीं दिखते, जितने हल्के रंगों में दिखते हैं. इसका सीधा फायदा यह है कि सीटों की लाइफ बढ़ती है और उन्हें बार-बार बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है. सीट कवर बदलना एयरलाइन के लिए महंगा काम है, इसलिए ऐसा रंग चुना जाता है जो टिकाऊ हो और जल्दी खराब न दिखे.

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हवाई यात्रा कई लोगों के लिए रोमांचक होती है, लेकिन डर भी साथ लाती है. टेकऑफ और लैंडिंग के समय घबराहट आम बात है. रंगों का मन पर असर पड़ता है, यह बात मनोविज्ञान में साबित मानी जाती है. नीला रंग आमतौर पर शांति, भरोसे और स्थिरता से जोड़ा जाता है.

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रंग विशेषज्ञ संस्था Pantone ने 2020 में क्लासिक ब्लू को कलर ऑफ द ईयर घोषित करते हुए इसे भरोसा और सुकून देने वाला रंग बताया था. विमान के बंद केबिन में, जहां सैकड़ों लोग एक साथ बैठे होते हैं, वहां ऐसा माहौल बनाना जरूरी होता है जिससे यात्रियों को सहज महसूस हो.

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नीला रंग आंखों को सुकून देता है और तनाव को कम करने में मददगार माना जाता है. रंग सिर्फ देखने की चीज नहीं, यह शरीर की अनुभूति को भी प्रभावित करता है. कई रिसर्च में यह सामने आया है कि नीला रंग ठंडक का एहसास कराता है. विमान के अंदर तापमान कभी ज्यादा ठंडा तो कभी उमस भरा लग सकता है.

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ऐसे में केबिन का रंग यात्रियों को मानसिक रूप से ठंडक का अनुभव कराने में मदद करता है. यह एक तरह से विजुअल ट्रिक भी है, जो आराम की भावना को मजबूत करती है. नीला रंग दुनिया भर में भरोसे का प्रतीक माना जाता है. बैंक, फाइनेंशियल कंपनियां और टेक कंपनियां अपने लोगो में नीला रंग ज्यादा इस्तेमाल करती हैं. एयरलाइंस के लिए भी भरोसा सबसे अहम है, क्योंकि यात्री अपनी जान उनके हाथ में सौंपते हैं.

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