Highest Egg Consuming Country: दुनिया में कहां खाए जाते हैं सबसे ज्यादा अंडे, अपना भारत किस नंबर पर?

अंडा केवल नाश्ते का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में प्रोटीन का सबसे सस्ता और सुलभ जरिया बन चुका है. खान-पान की बदलती आदतों और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता ने अंडों की मांग में भारी इजाफा किया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां हर इंसान साल के लगभग हर दिन एक अंडा खाता है? कूटनीतिक और आर्थिक बदलावों के बीच भारत भी इस क्षेत्र में एक बड़ी ग्लोबल पावर बनकर उभरा है. आइए समझते हैं उत्पादन और खपत का यह दिलचस्प गणित.
जब बात सबसे ज्यादा अंडे खाने की आती है, तो मेक्सिको का कोई सानी नहीं है. मेक्सिको दुनिया का वह देश है जहां एक औसत व्यक्ति साल भर में लगभग 363 अंडे खा जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि वहां का हर नागरिक लगभग रोज अपनी डाइट में एक अंडा जरूर शामिल करता है.
मेक्सिको की संस्कृति और स्थानीय खान-पान में अंडों को इतनी अहमियत दी गई है कि वहां इसे प्रोटीन का सबसे किफायती स्रोत माना जाता है. विकसित देशों को भी पीछे छोड़कर मेक्सिको आज वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा उपभोक्ता बना हुआ है.
भारत ने भले ही प्रति व्यक्ति खपत के मामले में मेक्सिको जैसी बढ़त न बनाई हो, लेकिन उत्पादन के मोर्चे पर हम दुनिया की महाशक्ति हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश बन चुका है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान मजबूत की है और चीन के बाद सबसे ज्यादा अंडे एक्सपोर्ट करने वाले देशों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है.
साल 2024-25 के दौरान भारत में अंडों का कुल उत्पादन 149.11 अरब तक पहुंच गया है, जो हमारी बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. भारत के भीतर अगर सबसे ज्यादा अंडे देने वाले राज्य की बात करें, तो आंध्र प्रदेश इस रेस में सबसे आगे है. अक्सर लोगों को लगता है कि पश्चिम बंगाल या तेलंगाना इस मामले में नंबर वन होंगे, लेकिन हकीकत में आंध्र प्रदेश ने सबको पीछे छोड़ दिया है.
वहां की मॉडर्न फार्मिंग तकनीक और बड़े स्तर पर मौजूद कमर्शियल पोल्ट्री फार्म्स ने इसे मुमकिन बनाया है. विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के कृष्णा और पश्चिम गोदावरी जिले अपनी शानदार प्रोडक्शन कैपेसिटी के कारण देश की जरूरतों को पूरा करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.
भारत में अंडों की खपत की बात करें तो यहां एक व्यक्ति साल भर में औसतन 106 अंडे खाता है. हालांकि मेक्सिको के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है और वैश्विक औसत से भी नीचे नजर आता है, लेकिन दक्षिण एशियाई देशों की तुलना में भारत की स्थिति बहुत मजबूत है. भारत में पोल्ट्री सेक्टर में आई जबरदस्त तरक्की की वजह से अंडों की उपलब्धता साल भर बनी रहती है.
जैसे-जैसे देश में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, प्रति व्यक्ति खपत के इन आंकड़ों में भी तेजी से सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है. भारत की इस सफलता के पीछे आधुनिक पोल्ट्री फार्मिंग का बड़ा हाथ है. पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अब किसान और कंपनियां वैज्ञानिक तरीके अपना रही हैं, जिससे अंडों की गुणवत्ता और संख्या दोनों में सुधार हुआ है.