✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

कहीं आपकी गाय-भैंस बीमार तो नहीं? ऐसे करें पहचान, नहीं तो होगा तगड़ा नुकसान

नीलेश ओझा   |  12 Apr 2026 11:49 AM (IST)
कहीं आपकी गाय-भैंस बीमार तो नहीं? ऐसे करें पहचान, नहीं तो होगा तगड़ा नुकसान

पशुपालन में सबसे बड़ी चुनौती तब आती है जब हमारी गाय या भैंस बीमार हो जाती है और हमें पता ही नहीं चलता. कई बार पशुपालक संकेतों को समझने में देरी कर देते हैं जिससे बीमारी शरीर में जड़ जमा लेती है. इसका सीधा असर किसान की जेब पर पड़ता है और भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.

1

एक समझदार किसान को हमेशा अपने पशुओं की हरकतों पर बारीक नजर रखनी चाहिए. आपको यह समझना होगा कि क्या आपका जानवर सही तरीके से चारा खा रहा है या वह सुस्त महसूस कर रहा है. अगर गाय या भैंस को पर्याप्त पोषण या साफ माहौल नहीं मिलता तो वह अक्सर परजीवी संक्रमण या किसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है.

2

स्वस्थ पशु हमेशा अपने आसपास के माहौल को लेकर सतर्क रहता है. वह अपना सिर ऊपर उठाकर चौकन्ना रहता है और झुंड के साथ घुलमिल कर चलता है. अगर कोई पशु अचानक दूसरे जानवरों से अलग-थलग खड़ा होने लगे या चलने-फिरने में आनाकानी करे तो समझ लीजिए कि उसकी सेहत में कुछ तो गड़बड़ चल रही है.

3

चलने का तरीका भी बीमारी पहचानने का एक बड़ा जरिया है. तंदुरुस्त जानवर अपने चारों पैरों पर बराबर वजन डालकर संतुलित तरीके से चलता है. अगर कोई पशु उठने में बहुत समय ले रहा है या चलते समय किसी एक पैर का सहारा ले रहा है तो उसे तुरंत चेकअप की जरूरत है. उसे तब तक आराम दें जब तक इलाज न हो जाए.

4

पशु की नाक और मुंह से भी सेहत का पता चलता है. स्वस्थ भैंस या गाय की नाक साफ होनी चाहिए और थूथन सूखा नहीं होना चाहिए. वे अक्सर अपनी जीभ से नाक चाटते रहते हैं. अगर मुंह से लगातार लार टपक रही है या पशु चारा चबाने में बहुत ज्यादा समय ले रहा है तो उसके दांतों में समस्या हो सकती है.

5

खाने-पीने की आदतें बीमारी का सबसे शुरुआती लक्षण होती हैं. स्वस्थ जानवर को हमेशा अच्छी भूख लगती है और वह अपना चारा बड़े चाव से खाता है. अगर आप देखते हैं कि आपके पशु ने अचानक चारा छोड़ दिया है या वह पानी कम पी रहा है तो यह किसी संक्रमण की शुरुआत हो सकती है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

6

पशु की त्वचा और बालों की चमक उसकी अंदरूनी सेहत बताती है. स्वस्थ जानवर का शरीर चिकना और चमकदार होता है लेकिन बीमार होने पर बाल झड़ने लगते हैं और त्वचा रूखी दिखने लगती है. इसके साथ ही नाड़ी की गति भी जांचें जो बड़ों में 40 से 80 के बीच होनी चाहिए. अगर पशु पेट पर लात मारे तो उसे दर्द हो सकता है. इन संकेतों पर नजर रखेंगे तो गाय और भैंस की सेहत का बेहतर कर पाएंगे.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • एग्रीकल्चर
  • कहीं आपकी गाय-भैंस बीमार तो नहीं? ऐसे करें पहचान, नहीं तो होगा तगड़ा नुकसान
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.