भारत में सबसे पहले कहां आता है मानसून, जानें किस रूट से पहुंचता है आपके शहर?

Monsoon India: भारत में मानसून का आना साल की सबसे बेसब्री से इंतजार की जाने वाली मौसमी घटनाओं में से एक है. यह चिलचिलाती गर्मी से राहत दिलाता है और पूरे देश में खेती बाड़ी की नींव रखता है. हर साल दक्षिण पश्चिम मानसून सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंचता है और उसके बाद केरल के तट से होते हुए भारत की मुख्य भूमि में प्रवेश करता है.
दक्षिण पश्चिमी मानसून आमतौर पर हर साल 20 मई के आस-पास सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देता है. यहीं से भारत में मानसून के मौसम की शुरुआत होती है.
मानसून आमतौर पर 1 जून तक केरल के तट के आसपास के इलाकों तक पहुंच जाता है. हिंद महासागर से उठने वाली नमी से भरी हवाएं पश्चिमी घाट से टकराती हैं, जिस वजह से जोरदार बारिश होती है और पूरे भारत की मुख्य भूमि में बारिश के मौसम की आधिकारिक शुरुआत हो जाती है.
केरल में प्रवेश करने के बाद भारत की भौगोलिक बनावट की वजह से मानसून दो हिस्सों में बंट जाता है. अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा. यह दोनों शाखाएं अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ती हैं.
अरब सागर शाखा भारत के पश्चिमी तट के साथ तेजी से आगे बढ़ती है. यह 5 जून के आसपास कर्नाटक और गोवा तक, 10 जून तक मुंबई, और जून के मध्य तक गुजरात और मध्य प्रदेश तक पहुंच जाती है.
बंगाल की खाड़ी शाखा सबसे पहले उत्तर पूर्वी भारत में 5 जून के आसपास पहुंचती है. इसमें असम और मेघालय शामिल हैं. इसके बाद यह पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ती है. आखिर में यह जून के अंत तक आते-आते दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच जाती है.
पश्चिमी राजस्थान आमतौर पर भारत के उन आखिरी इलाकों में से एक होता है जहां मानसून सबसे आखिर में पहुंचता है. जयपुर और जैसलमेर जैसे शहरों में आमतौर पर 5 जुलाई से 15 जुलाई के बीच मानसून का आगमन होता है.