Global AI Ranking: AI के मामले में कहां टिकता है भारत, जानें कौन है इसका सरताज?
स्टैनफोर्ड ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडेक्स 2025 के मुताबिक भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी में दुनिया भर में तीसरा स्थान हासिल किया है. यह एक बड़ा माइलस्टोन है. ऐसा इसलिए क्योंकि देश ओवरऑल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परफॉर्मेंस और इकोसिस्टम की मजबूती में कई डेवलप्ड इकॉनमी से आगे निकल गया है.
भारत की बढ़त धीरे-धीरे नहीं हुई. 2023-24 में सातवीं रैंक से भारत यूके, साउथ कोरिया और जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान पर आ गया है. यह उछाल रिसर्च आउटपुट, टैलेंट बेस और इंडस्ट्री पार्टिसिपेशन में तेजी से सुधार दिखाता है.
यूनाइटेड नेशंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन रिपोर्ट 2025 के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी में भारत कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर है. लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्वेस्टमेंट में यह दुनिया भर में दसवें स्थान पर है.
यूनाइटेड स्टेट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैंडस्केप में अपना दबदबा बनाए हुए है. रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग में यह पहले स्थान पर है. यहां 67 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट हुआ है. इस मामले में चीन दूसरे स्थान पर है और भारत अभी तीसरे स्थान पर है.
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टैलेंट की पहुंच ग्लोबल एवरेज से ढाई गुना ज्यादा है. इसके अलावा देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हायरिंग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. यह सालाना 33% की दर से बढ़ रही है.
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल विजन जैसे सरकारी पहलों ने इस सेक्टर में डेवलपमेंट को तेज किया है. पॉलिसी सपोर्ट के साथ भारत में अब 500 से ज्यादा ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम है.