Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण पर राहु और राहुकाल की डबल मार, क्या करें क्या नहीं
आज 17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है. भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03:26 से हो जाएगी और रात 07:56 पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा.
धार्मिक दृष्टि से ऐसी मान्यता है कि, अमावस्या तिथि पर राहु (या फिर केतु) सूर्य को निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे सूर्य को ग्रहण लगता है. इससे जुड़ी पौराणिक कथा भी काफी प्रचलित है. यही कारण है कि, हिंदू धर्म में ग्रहण लगने की घटना को शुभ नहीं माना जाता है.
राहु काल को भी धर्म और ज्योतिष में अशुभ माना जाता है. इसे भी राहु से जोड़ा जाता है. राहुकाल में कई तरह के कार्य भी वर्जित होते हैं. आज 17 फरवरी को दोपहर 03:24 से 04:48 बजे तक राहुकाल रहेगा. इसी समय सूर्य ग्रहण भी लग रहा है.
ग्रहण योग- वर्तमान में राहु कुंभ राशि में है और सूर्य भी इसी राशि में संचरण कर रहे हैं. ऐसे में कुंभ राशि में सूर्य-राहु की युति से ग्रहण योग बना है, जिसे ज्योतिष में अशुभ योग माना जाता है.
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, ग्रहण योग और राहुकाल के दौरान यदि सूर्य ग्रहण लगे तो इसे ऊर्जा में अस्थिरता, मानसिक बैचेनी, भम्र की स्थिति, निर्णय लेने की क्षमता में कमी से जोड़ा जाता है.
ज्योतिष की सलाह होती है कि, राहुकाल के दौरान शुभ कार्य, जरूरी यात्राएं, पूजा-पाठ आदि न करें. वहीं आज सूर्य ग्रहण का प्रभाव भी इसी समय पर रहेगा. ऐसे में इस समय मंत्र जाप, ध्यान और दान आदि करना शुभ हो सकता है.