Moon Distance From Earth: अगर चांद पृथ्वी से दूर चला जाए तो क्या होगा, जानें कैसे पड़ेगा इससे धरती पर असर?

Moon Distance From Earth: रात के आसमान में चांद शांत और दूर लग सकता है. लेकिन आपको बता दें कि यह पृथ्वी पर समुद्र की लहरों को कंट्रोल करने से लेकर मौसम को स्थिर रखने तक हमारे ग्रह को संतुलित रखता है. आइए जानते हैं कि अगर यह पृथ्वी से ज्यादा दूर चला जाए तो इसका प्रभाव पृथ्वी पर कैसा पड़ेगा.
चांद की ग्रेविटी पृथ्वी के घूमने पर ब्रेक की तरह काम करती है. अगर चांद काफी दूर चला जाएगा तो यह ब्रेकिंग इफेक्ट कमजोर हो जाएगा. इस वजह से पृथ्वी तेजी से घूमने लगेगी. इससे एक दिन पूरे 24 घंटे से घटकर सिर्फ 6 से 12 घंटे का ही हो जाएगा.
चांद समुद्र की लहरों के पीछे की एक बड़ी वजह है. चांद के दूर जाने से लहरों की ताकत 75% तक कम हो सकती है. इससे मैंग्रोव, कोरल रीफ और ज्वारीय वेटलैंड जैसे तटीय इकोसिस्टम में गंभीर नुकसान होगा.
चांद पृथ्वी के झुकाव को लगभग 23.5 डिग्री पर स्थिर रखता है. इससे हमें अनुमानित मौसम मिलते हैं. इस स्थिर करने वाली शक्ति के बिना पृथ्वी बेतरतीब ढंग से हिल सकती है. इससे मौसम में बड़े बदलाव आ सकते हैं. भूमध्य रेखा के पास बर्फीली स्थिति और ध्रुवों पर भयंकर गर्मी. इससे ग्रह के बड़े हिस्से रहने लायक नहीं रहेंगे.
तेजी से घूमने वाली पृथ्वी वायुमंडलीय सरकुलेशन को तेज कर देगी. इससे लगातार पूरे ग्रह पर तूफान आ सकता है. यह ऐसा तूफान होगा जिसकी गति 400 से 500 किलोमीटर/घंटा तक पहुंच सकती है.
कई जानवर नेविगेशन, शिकार और प्रजनन के लिए चांद पर निर्भर रहते हैं. समुद्री प्रजातियां अपने अंडे देने को चंद्र चक्र के साथ सिंक्रोनाइज करती हैं. इसी के साथ रात में घूमने वाले जानवर चांदनी पर निर्भर रहते हैं. अगर चांद दूर चला गया तो ये प्राकृतिक लय टूट जाएंगी.
चांद पहले से ही पृथ्वी से लगभग 3.8 सेंटीमीटर प्रतिवर्ष की दर से दूर जा रहा है. हालांकि किसी भी विनाशकारी प्रभाव को होने में अभी अरबों साल लगेंगे.