असली और नकली व्हिस्की की कैसे करें पहचान? खरीदने से पहले जानें बचने का तरीका

पार्टी के शौकीन और दोस्तों के साथ महफिल जमाने का शौक रखने वालों की कमी नहीं है, ऐसे में लोग शराब के तौर पर ज्यादातर व्हिस्की पीना पसंद करते हैं. लेकिन बाजार में असली और नकली शराब का कारोबार भी धड़ल्ले से चलता है. मुनाफाखोर नामी ब्रांड की बोतल में नकली शराब बेचने से भी परहेज नहीं करते हैं, ऐसे में समझदारी इसी में है कि बोतल खोलने और जाम छलकाने से पहले उसके असली या नकली होने की पहचान कर ली जाए.
तकनीकी के इस दौर में असली और नकली का फर्क करना काफी आसान है. ज्यादातर बड़ी और नामी शराब कंपनियां अपनी बोतलों पर एक खास बारकोड या क्यूआर (QR) कोड देती हैं. अगर आपको संदेह हो रहा है तो व्हिस्की खरीदने से ठीक पहले अपने स्मार्टफोन के कैमरे से इस कोड को स्कैन करें.
अगर वह सही और ओरिजनल होगी तो प्रामाणिक कोड आपको सीधे उस ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट या प्रामाणिक डेटाबेस पर ले जाएगा, जहां आपको शराब की बोतल के बारे में हर जानकारी आसानी से मिल जाएगी. अगर कोड स्कैन न हो रहा हो तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है.
इसके अलावा एक और चीज के जरिए शुद्धता की जांच की जा सकती है और वह है फेक शेक टेस्ट. इसके लिए आपको व्हिस्की की बोतल को हाथ में लेना है और उसे तेजी से शेक करना है, इसके बाद उसमें बनने वाले बुलबुलों को देखें.
अगर व्हिस्की असली होगी तो बुलबुले बहुत छोटे होंगे और कुछ सेकेंड में तेजी से गायब हो जाएंगे. लेकिन अगर शराब नकली है तो झाग देर तक बोतल में रहेगा और शराब का रंग भी धुंधला हो जाएगा.
जालसाज अक्सर पुरानी असली बोतलों को साफ करके उनमें नकली शराब दोबारा भरते करते हैं. इसलिए जरूरी है कि शराब खरीदते वक्त बोतल के ढक्कन और उसकी आबकारी सील को बहुत बारीकी से देखें. अगर ढक्कन थोड़ा भी ढीला लगे या आसानी से घूम जाए या सील टूटी हो तो उसे बिल्कुल न लें.
इसके अलावा बोतल पर लगे लेबल को भी ध्यान से देखें. नकली बोतलों पर अक्सर टेढ़े-मेढ़े लेबल होते हैं, या उनकी छपाई धुंधली होती है. कई बार तो जालसाज कॉपीराइट से बचने के लिए बोतल के ब्रांड के नाम में हेरफेर करते हैं, इसलिए ध्यान से पढ़ें.
शराब खरीदने से पहले बोतल को किसी अच्छी रोशनी या बल्ब के सामने ले जाएं और उसको बहुत ध्यान से देखें. असली व्हिस्की का रंग पूरी तरह पारदर्शी, साफ और एक समान चमकीला सुनहरा या एम्बर की तरह होता है.
अगर आपको बोतल के अंदर छोटे-छोटे तैरते हुए कण, कोई कचरा या कुछ अजीब सी अशुद्धियां दिखाई दें, या फिर उसका टेक्सचर बहुत ज्यादा धुंधला या गाढ़ा सा लगे, तो वह पूरी तरह नकली है. ऐसी शराब में हानिकारक मिलावट की जाती है, जो बहुत नुकसानदेह है.