क्या होता है Dead Sea, आखिर क्यों नहीं पनप सकता वहां कोई जीवन?
डेड सी जॉर्डन रिफ्ट वैली नाम के एक जियोलॉजिकल गड्ढे में गहराई में है. समुद्र तल से 430 मीटर से ज्यादा नीचे यह धरती पर सबसे कम खुली जमीन का रिकॉर्ड रखता है. यहां पर काफी ज्यादा तापमान है और काफी तेजी से इवैपोरेशन होता है.
डेड सी में जीवन ना पनपने की सबसे बड़ी वजह इसका काफी ज्यादा नमक का जमाव है. पानी में हर लीटर में लगभग 340 ग्राम नमक होता है. यह आम समुद्री पानी से लगभग 9 से 10 गुना ज्यादा खारा है. इस वजह से यहां जीवित जीवों के लिए काफी ज्यादा कठोर माहौल है.
इसके बेजान होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह ऑस्मोसिस में है. जब जीवित सेल्स काफी ज्यादा नमकीन पानी के संपर्क में आते हैं तो नमक पानी को सेल्स से बाहर निकालता है ताकि जमाव के लेवल को बैलेंस किया जा सके. इस प्रक्रिया से सेल्स सिकुड़ जाते हैं और डिहाइड्रेट हो जाते हैं.
डेड सी सिर्फ सोडियम क्लोराइड से ही भरपूर नहीं है. इसमें मैग्निशियम, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे मिनरल भी काफी ज्यादा मात्रा में होते हैं. हालांकि इनमें से कुछ मिनरल्स कम मात्रा में फायदेमंद होते हैं लेकिन उनका काफी ज्यादा लेवल केमिकली खराब माहौल बनाता है.
इसमें नमक जमा होने के पीछे की वजह ज्योग्राफी है. डेड सी लैंडलॉक्ड है. मतलब इसमें पानी बहता है. जॉर्डन नदी से यह पानी बहता है लेकिन पानी के बाहर निकलने का कोई आउटलेट नहीं है. क्योंकि इस इलाके में काफी ज्यादा गर्मी होती है इस वजह से पानी तेजी से इवैपोरेट हो जाता है. इससे नमक और मिनरल पीछे रह जाते हैं.
अपने नाम के बावजूद डेड सी पूरी तरह से बेजान नहीं है. कुछ एक्सट्रीमोफाइल्स खास तरह के बैक्टीरिया और माइक्रोबियल फंगी इतने ज्यादा खारेपन में भी जिंदा रह सकते हैं.