क्या है आतंकी संगठन TRF, जिसका पाकिस्तान ने यूएन में किया बचाव

भारत के ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के बाद बीते दिन पाकिस्तान ने हमारे 15 शहरों को निशाना बनाया, जिसका भारत ने माकूल जवाब दिया. लेकिन पाकिस्तान अभी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और बराबर हमला कर रहा. जब UNSC में पहलगाम हमले को लेकर एक बयान जारी करने की बात हो रही थी, तब पाकिस्तान ने खुद TRF का नाम उस प्रस्ताव में रखने का विरोध किया था. जबकि दो बार टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है. चलिए जानें कि आखिर टीआरएफ क्या है.
कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां टीआरएफ को लश्कर-ए-तैयबा की एक ब्रांच के रूप में देखती हैं. इसका उद्देश्य खुद को एक नई वैचारिक ताकत के रूप में पेश करना है.
यह अल-कायदा और जैश-ए-मुहम्मद जैसे इस्लामी समूहों से खुद को अलग करना चाहता है. टीआरएफ द रजिस्टेंस फ्रंट के नाम से कश्मीर में विद्रोही समूह में अपनी पहचान बना रहा है.
भारत का ऐसा मानना है कि टीआरएफ पाकिस्तान के ही लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन का एक अंग है.
भारत का साफ मानना है कि पाकिस्तान इस संगठन के बल पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते है.
पहलगाम से पहले साल 2024 में जब एक बस जम्मू के रिहायशी इलाके में हिंदू तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही थी, तब भी इसने उनपर हमला किया था.
इस हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए थे और 33 घायल हो गए थे, क्योंकि हमले के बाद बस खाई में गिर गई थी.
टीआरएफ इसी तरीके के आतंकी हमलों के जरिए अपनी पहचान बनाने में कायम है, और इसने पुरानी रणनीतियों का इस्तेमाल किया है.